
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सावन, सोमवार और महाशिवरात्रि के शुभ संयोग पर शिवालयों में दिन भर खूब भक्तों का तांता लगा रहा। जानकार पंडितों के अनुसार 5 अगस्त को काफी शुभ एवं दुर्लभ संयोग रहा है। पांवटा के प्रसिद्ध शिवालय पातलियां, बद्रीपुर और देईजी मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान चलता रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं का सुबह 5-6 बजे से ही शीश नवाने को तांता लगा रहा। प्राचीन श्री देईजी साहिबां मंदिर पांवटा में भंडारे का आयोजन किया गया।
क्षेत्र के पंडित रमेश शास्त्री, नरेश शर्मा, दीपक पंडित और लाल चंद शर्मा के अनुसार शिव भक्तिों के लिए विशेष रुप से बेहद शुभ दिन पूजा अर्चना और शुभ कार्य के लिए माना जाता है। इस दिन आरंभ होने वाले शुभकार्य में सफलता मिलती है। भगवान शिव के उपासकों में सोमवार, सावन व महाशिवरात्री की विशेष मान्यता है। इसलिए सोमवार को सुबह से ही श्रद्धालु मंदिरों में दूध और जलाभिषेक करने के लिए पहुंचे।
पांवटा के देईजी साहिबां मंदिर में भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान सैकड़ों कांवड़ियों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने मंदिर में शीश नवा कर प्रसाद ग्रहण किया। शिव के मंदिरों में दिन भर कांवड़ियों का तांता लगा रहा। केसरी युवा मंडल वार्ड-9 के अध्यक्ष यशपाल ठाकुर, संयोजक अशोक बहुता, बीरेंद्र नेगी और पॉल सिंह के अनुसार कांवड़ियों व श्रद्धालुओं की सेवा का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। सावन माह में धार्मिक आस्था के प्रतीक माने जाने वाली कांवड़ यात्रा में आने जाने वाले श्रद्धालुओं की सेवा को शिव की सेवा के रूप में देखा जा रहा है। इस दौरान स्थानीय युवाओं व व्यापारियों का भी सहयोग मिल रहा है। काफी दिनों से पांवटा के यमुना पुल के समीप, बांगरन चौक और माजरा में कांवड़ सेवा शिविर में स्थानीय श्रद्धालु कांवड़ यात्रियों की सेवा में जुटे हैं। इन शिविर में भक्तों के ठहरने, प्रसाद व भोजन का विशेष प्रबंध किया गया है।
