शिमला पुलिस का दोहरा कानून

शिमला। शिमला शहर में स्मार्ट पुलिस का दोहरा कानून है। आम आदमी को आम सड़क के किनारे पांच मिनट भी गाड़ी खड़ी करने की इजाजत नहीं है। गाड़ी अगर गलती से खड़ी कर दी तो तुरंत चालान या फिर ट्रैफिक क्रेन गाड़ी उठा ले जाएगी लेकिन प्रभावशाली लोगों के लिए बंधित मार्ग पर वाहन पार्क करने के लिए कोई मनाही नहीं है।
इस दोहरे कानून की तस्वीर शुक्रवार शाम को माल रोड पर शिमला क्लब के सामने देखने को मिली। यहां बंधित मार्ग पर शहर के प्रभावशाली लोगों की गाड़ियां खड़ी थीं। क्लब के भीतर एक नेता के पारिवारिक सदस्य का जन्मदिन मनाया जा रहा था। सभी गाड़ियां दनदनाती हुई शिल्ली चौक से शिमला कल्ब की ओर आईं। बताते चलें कि शिल्ली चौक से शिमला कल्ब की ओर आने से पहले पुलिस बैरियर के पास गाड़ी को रोकना पड़ता है। वहां ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारी कार्रवाई तो दूर उनके लिए बैरियर हटाते नजर आए। चंद कदम दूर इन पढ़े-लिखे शहरियों ने बंधित मार्ग पर ही अपनी गाड़ियां पार्क कर दीं।
जब पुलिस अधीक्षक अभिषेक दुल्लर को इस संबंध में अवगत करवाया गया तो उन्होंने कहा कि सभी गाड़ियों के चालान होंगे। कुछ देर बाद कहा कि वह खुद स्पॉट पर पहुंच गए हैं। यहां कोई भी गाड़ी खड़ी नहीं है जबकि सड़क पर खड़ी गाड़ियों की तस्वीरें सब कुछ बयां करने के लिए काफी थीं। अब सवाल उठता है कि मीडिया को इस बात की भनक लगने के बाद ही गाड़ियों को किसके इशारे पर तत्काल हटा दिया गया? हालांकि, पुलिस अधीक्षक ने दावा किया है कि अगर गाड़ियों के नंबर मिल जाते हैं तो उनके नंबरी चालान कर दिए जाएंगे।

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