शिक्षा विभाग में सरप्लस कर्मियों का विरोध

मंडी। ग्रामीण अंशकालीन जलवाहक कम सेवादार संघ ने मांगाें की अनदेखी पर सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया। संघ ने दो टूक चेताया है कि मांगाें पर जल्द गौर नहीं किया तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। ग्रामीण अंशकालीन जलवाहकों और सेवादारों ने मंगलवार को मंडी में रैली निकाली। रैली राज्य अध्यक्ष भुट्टू राम की अगुवाई में भ्यूली से शुरू हुई और डीसी दफ्तर तक पहुंची। इस बीच संघ ने मांगाें को लेकर जमकर नारेबाजी भी की। जिलाभर के शिक्षा खंडों के जलवाहकों, प्रधानों एवं सचिवों ने रैली में शिरकत की।
डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए राज्य अध्यक्ष भुट्टू राम ने कहा कि प्रदेश लोक निर्माण विभाग से सरप्लस कर्मचारियाें को शिक्षा विभाग में डाला जा रहा है। सरकार के इस फैसले का संघ कड़ा विरोध करता है। राज्य अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा विभाग में करीब पंद्रह हजार जलवाहक सेवाएं दे रहे हैं। कई जलवाहक 17-18 वर्षों से पदोन्नति की राह देख रहे हैं। उनकी लगातार उपेक्षा हो रही है। अब इस तरह के निर्णय लेकर उन्हें और प्रताड़ित किया जा रहा है।
राज्य अध्यक्ष ने कहा कि स्कूलाें में हजारों पद चौकीदारों और चपरासियों के रिक्त पड़े हैं। लेकिन वर्षों से सेवाएं दे रहे जलवाहक पार्ट टाइम ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं। यह सरासर अन्याय है। इसे सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि जलवाहकों को नियमित किया जाए। होली और दिवाली मानदेय एवं छुट्टियों का वेतन तथा मानदेय में उचित वृद्धि की जाए। रैली में करीब डेढ़ सौ जलवाहकों ने मांगाें को लेकर अपनी आवाज बुलंद की।

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