शिक्षा विभाग में ट्रेनिंग को नया निदेशालय

शिमला। प्रदेश में शिक्षकों से लेकर प्रशिक्षु शिक्षकों के प्रशिक्षण को नए निदेशालय का गठन किया जाना है। राज्य सरकार के स्तर पर इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए बजट कहां से आएगा? कितने पद होंगे? इसके लिए भी तैयारी शुरू हो गई है। सरकार ने इसका प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें एससीईआरटी सोलन को मर्ज कर बनाने की तैयारी है। वर्तमान में एससीईआरटी सोलन को स्कूलों में नया पाठ्यक्रम तैयार करने से लेकर शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का काम किया है। विभाग में एलीमेंटरी और उच्च दो शिक्षा निदेशालय हैं। एलीमेंटरी शिक्षा निदेशालय के तहत आठवीं तक और उच्च शिक्षा के तहत कॉलेज और विश्वविद्यालय की शिक्षा आती है।
प्रदेश में जेबीटी प्रशिक्षुओं को डाइट में प्रशिक्षित किया जाता है। वर्तमान में यह एलीमेंटरी शिक्षा निदेशालय के तहत है। भविष्य में इसे ट्रेनिंग निदेशालय के तहत लाया जाना है। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से बीएड का पाठ्यक्रम एससीईआरटी से तैयार करवाया जाता है। इसके संस्थान विवि के तहत आते हैं। हर वर्ग के शिक्षकों को प्रशिक्षण एससीईआरटी सोलन के माध्यम से दिया जाता है। अब सरकार ने इसे निदेशालय ट्रेनिंग में मर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस प्रस्ताव को शीघ्र विभाग की ओर से फाइनल रूप देकर मंजूरी के लिए प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में लाया जाना है।

स्कूल कैडर के निदेशक की मांग
शिमला। प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ के अध्यक्ष पीआर संख्यान ने कहा कि उच्च निदेशालय में स्कूल कैडर के शिक्षक को निदेशक के पद पर तैनात किया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कॉलेज कैडर के शिक्षकों को ज्यादा महत्व दिया जाता है। हालांकि, इनकी संख्या स्कूल कैडर के मुकाबले कहीं कम है। उन्होंने कहा कि नए प्रस्तावित निदेशालय के साथ कालेजों को जोड़ा जाए। उच्च निदेशालय में स्कूलों को रखकर स्कूल कैडर के शिक्षक को निदेशक बनाया जाए।

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