शिक्षा बोर्ड की चूक सुधारने पर छात्रा के 43 से 100 अंक हो गए,शिक्षक पर कार्रवाई के मामले को उच्चधिकारियों को भेजा जा रहा है

शिमला

फाइल फोटो

दसवीं के परीक्षा परिणाम में शिमला के पोर्टमोर स्कूल की एक छात्रा की अवार्ड एंट्री में भारी चूक हुई। पहले घोषित परिणाम में छात्रा शगुन के गणित में 43 अंक थे। छात्रा को इस पर विश्वास नहीं हुआ और उसने प्रधानाचार्य से बात की। प्रधानाचार्य ने स्कूल शिक्षा बोर्ड से संपर्क किया। प्रधानाचार्य नरेंद्र सूद ने बताया कि जब अवार्ड एंट्री जांची तो चूक सामने आई।

चूक इतनी बड़ी थी कि इसे सुधारने पर छात्रा के 43 से 100 अंक हो गए। पहले छात्रा स्कूल की मेरिट में सातवें स्थान पर थी। अब शगुन स्कूल की टॉपर बनने के साथ ही जिले में टॉप टेन में भी शामिल हो गई। पहले परिणाम में इसके 620 अंक थे, जो अब बढ़कर 677 हो गए हैं।
शिक्षा बोर्ड के सचिव अक्षय सूद ने बताया कि बोर्ड चेयरमैन ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए बिना रिवेल्यूएशन और री-चेकिंग आवेदन के पेपर शीट्स दोबारा चेक करवाई, तो छात्रा के अंक 43 से 85 हो गए। 15 नंबर इंटरनल असेसमेंट के होते हैं। पेपर चेक करने में शिक्षक ने लापरवाही बरती है, लेकिन शिक्षक पर कार्रवाई का अधिकार शिक्षा विभाग को है। इसलिए मामले को शिक्षा विभाग के उच्चधिकारियों को भेजा जा रहा है।

 

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