शिक्षा क्षेत्र में कैसे होगा सुधार?

बिलासपुर। स्कूलों में पीईटी (शारीरिक शिक्षा अध्यापक) के रिक्त पद भरने के लिए इंतजार की घड़ियां खत्म हो गई हैं। बैच के आधार पर पीईटी के आधा दर्जन पद भरने के लिए 9 व 10 सितंबर को साक्षात्कार होंगे। जिले में इस वर्ग के रिक्त पदों की तुलना में यह आंकड़ा एक तरह से ऊंट के मुंह में जीरे जैसा ही है। जिले में पीईटी के 100 से अधिक पद खाली हैं।
शिक्षा उप निदेशक प्रीतम सिंह ढटवालिया ने बताया कि शिक्षा निदेशालय के निर्देशों के अनुसार बिलासपुर जिले में पीईटी के छह पद बैच के आधार पर भरे जाने हैं। इनमें से तीन पद सामान्य, दो पद सामान्य बीपीएल तथा एक पद अनुसूचित जाति बीपीएल श्रेणी के लिए है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के साक्षात्कार नौ, जबकि आरक्षित वर्गों के अभ्यर्थियों के साक्षात्कार 10 सितंबर को होंगे। सामान्य वर्ग के लिए वर्ष 1999 तथा आरक्षित वर्ग के लिए वर्ष 2000 तक के बैच के उम्मीदवारों को कॉल लेटर भेजे गए हैं।
जिले में पीईटी के रिक्त पदाें की तुलना में उक्त आंकड़ा औपचारिकता निभाने जैसा ही नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार बिलासपुर जिले के कुल लगभग ढाई सौ मिडल, हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में पीईटी के करीब 60 फीसदी पद रिक्त हैं। कुछ स्कूलों में उक्त पद पीटीए के माध्यम से भरे गए हैं। इसके चलते जहां संबंधित स्कूलों में शारीरिक शिक्षा की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पीईटी के अभाव में छात्र-छात्राआें के खेलकूद के प्रशिक्षण पर भी असर पड़ रहा है। डीपीई संघ बिलासपुर के अध्यक्ष राजकुमार राणा का कहना है कि पीईटी के पद काफी संख्या में रिक्त होने से बच्चों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सैकड़ों की संख्या में प्रशिक्षित पीईटी बेरोजगारी की मार सह रहे हैं। उन्हाेंने सरकार से आग्रह किया है कि सभी स्कूलों में इस वर्ग के रिक्त पद जल्द से जल्द भरने के लिए कारगर कदम उठाए जाएं।

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