
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में संघ की शाखाएं नहीं लगने ली जाएंगी। स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों को राजनीतिक विचारधारा का हिस्सा नहीं बनाने दिया जाएगा।
हिमाचल निर्माता वाईएस परमार का नौणी में विश्व का पहला वानिकी और बागवानी विश्वविद्यालय की स्थापना का सपना तो पूरा हुआ, लेकिन कुछ शिक्षकों और अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैये से विवि आरएसएस का गढ़ बन गया है। नतीजतन विवि का अस्तित्व संकट में है। उन्होंने कहा कि वे आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ नहीं हैं।
रविवार को सीएम सोलन के नौणी विवि के 29वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के दौरान नौणी ही नहीं हिमाचल के कई शिक्षण संस्थानों में आरएसएस की शाखाएं लगाई गईं। इसकी पूरी सूची तैयार है।
ऐसे अधिकारियों को स्कूल परिसर में टिकने नहीं दिया जाएगा। वीरभद्र सिंह ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों का बजट बढ़ाया जाएगा।
नौणी विवि को हर आर्थिक मदद दी जाएगी। उन्होंने वैज्ञानिकों को सलाह दी कि वे अनुसंधान को किसानों तक पहुंचाएं, तभी नौणी विवि अपने मकसद में कामयाब होगा।
विवि के कार्य सराहनीय हैं। इसे अधिक बढ़ावा दिया जाएगा।
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शातिर तो बनाते रहेंगे फर्जी डीओ
सचिवालय में फर्जी डीओ के मामले में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि शातिरों को कौन रोक सकता है? अगर किसी को चोरी करनी है तो वह कहीं भी कर लेगा। भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए सचिवालय में सुरक्षा कड़ी की जाएगी।
