
बरठीं (बिलासपुर)। प्राथमिक पाठशाला कंडयाणा से एक शिक्षक के तबादले से अभिभावक भड़क उठे हैं। शुक्रवार को लोगाें ने स्कूल पर ताला जड़ने के साथ ही शिक्षक के तबादले के विरोध में बच्चाें के साथ रैली भी निकाली। इस दौरान सरकार व शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। उन्हाेंने चेताया है कि यदि तबादला तुरंत रद न किया गया तो वे अपने बच्चाें को निजी स्कूल में पढ़ाएंगे।
प्राथमिक पाठशाला कंडयाणा में कार्यरत एक शिक्षक के तबादले का मामला तूल पकड़ गया है। इससे गुस्साए अभिभावकाें ने शुक्रवार को स्कूल पर ताला जड़ दिया। अपने बच्चाें को साथ लेकर नारेबाजी करते हुए उन्होंने बरठीं बाजार में रैली निकाली। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रजनीकांत के साथ ही रीता, कमलदेव, पुष्पा, अनिता, अरुण, सुशीला, आरती, लीला, सीताराम, भगतराम, सुषमा, प्रेमी देवी, सरिता व सोमा आदि ने कहा कि करीब दो साल पहले तक स्कूल में बच्चाें की संख्या महज सात थी। संबंधित शिक्षक ने अंगरेजी मीडियम में भी पढ़ाई शुरू कराई। इसके चलते कई लोगों ने अपने बच्चों को निजी स्कूलों से निकाल कर इस स्कूल में दाखिल कराया। शिक्षक के प्रयासों से बच्चों की संख्या अब बढ़कर दो दर्जन से अधिक हो चुकी है।
अभिभावकों का कहना है कि सब-कुछ सही ढंग से चलने के बावजूद राजनीतिक दखलांदाजी से शिक्षक को स्थानांतरित कर दिया गया। यदि तबादला आदेश तुरंत प्रभाव से रद न किए गए तो सभी अभिभावक अपने बच्चों का विद्यालय त्याग प्रमाण पत्र लेकर उनका दाखिला दोबारा निजी स्कूल में कराने पर मजबूर होंगे। स्कूल प्रभारी मीना देवी ने कहा कि शुक्रवार सुबह करीब पौने नौ बजे स्कूल पहुंचने पर ताले के ऊपर ताला लगा हुआ पाया गया। सूचना केंद्र पाठशाला को दे दी गई है। केंद्र प्राथमिक पाठशाला बरठीं की सीएचटी व्यासा देवी ने कहा कि उच्चाधिकारियों को स्थिति से अवगत करा दिया गया है। झंडूता खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी सतपाल पराशर ने कहा कि उच्चाधिकारियों के साथ ही पुलिस प्रशासन को भी इस बारे सूचित कर दिया गया है।
