शिकारी देवी में बर्फ में फंसे चौदह लोग

गोहर (मंडी)। मंडी जिले की जंजैहली घाटी की प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता शिकारी देवी में शुक्रवार रात भारी बर्फबारी में सरकाघाट के खलारडू गांव से देवी का रथ लेकर गए 14 लोग बर्फ में फंस गए। बर्फ में फंसे लोगों में छह पुरुष, छह महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं। बर्फ में फंसे सभी श्रद्धालुओं को स्थानीय लोगों, प्रशासन और पुलिस की मदद से जंजैहली के समीप कटारू स्थान सुरक्षित पहुंचा दिया है। श्रद्धालुओं के रथ को भी सुरक्षित कटारू में पहुंचाया गया है। सभी 14 श्रद्धालुओं में दो महिलाओं और बच्चों की हालत खराब बताई जा रही है। इन्हें प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है।
तहसीलदार थुनाग विद्याधर नेगी ने बताया कि सरकाघाट से शिकारी देवी में फंसे श्रद्धालुओं और देवी के रथ को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। सरकाघाट की माता हिमानी चामुंडा खलारडू के रथ को लेकर पुजारी प्रकाश चंद और अन्य 13 लोग शिकारी माता के दर्शनों के लिए 9 जनवरी को जंजैहली से शिकारी देवी पैदल रवाना हुए थे। शुक्रवार रात को भारी हिमपात होने से सभी 14 लोग और दो बच्चे शिकारी देवी में फंस गए। इसकी सूचना वार्ड पंच कटारू खेमराज और स्थानीय निवासी परस राम को जब लगी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों की मदद से शिकारी देवी में रथ समेत फंसे सभी लोगों को शनिवार शाम जंजैहली के समीप कटारू पहुंचाया। बर्फ में फंसे लोगों में सुमन, गौरव, कुलदीप, अजय और आयूष समेत अन्य लोग शामिल हैं। एएसआई जंजैहली जीत सिंह, एचसी मोहन लाल, खूबराम और एचजी खूबराम ने ग्रामीणों की मदद से लोगाें को बर्फ से बाहर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। शिकारी देवी में शुक्रवार रात करीब चार फुट बर्फ दर्ज की गई। तहसीलदार थुनाग ने लोगों से शिकारी देवी मंदिर न जाने की अपील की है।

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