शादी में बैंड न बजाने पर हर्जाना

डी। शादी में बैंड न बजाना बैंडमास्टर को महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता फोरम ने अपने फैसले में बैंडमास्टर को उपभोक्ता के पक्ष में अग्रिम राशि 4100 रुपये ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए। बैंड मास्टर की सेवाओं में कमी के कारण उपभोक्ता को हुई परेशानी के बदले 6000 रुपये हर्जाना और 3000 रुपये शिकायत व्यय भी अदा करने के आदेश दिए। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष जेएन यादव और सदस्यों रमा वर्मा एवं लाल सिंह ने जोगिंद्रनगर तहसील के बनौण (बल्ह जौली) निवासी खेम सिंह पुत्र नूपा राम की शिकायत को उचित मानते हुए बैंडमास्टर ननोह (बस्सी) गांव निवासी सुभाष चंद पुत्र मकोडू राम को 4100 रुपये की राशि नौ प्रतिशत ब्याज दर सहित अदा करने का फैसला सुनाया। अधिवक्ता रंजीत सिंह कौंडल के माध्यम से फोरम में दायर शिकायत के अनुसार उपभोक्ता के बेटे की शादी जोगिंद्रनगर में होनी थी। जिसके लिए उन्होंने बैंड मास्टर से संपर्क करके 28 और 29 अप्रैल 2013 को शादी में बैंड बजाने के लिए अनुबंध किया। इसके लिए उपभोक्ता ने उन्हें 4000 रुपये बतौर अग्रिम राशि अदा किए। जबकि 100 रुपये बतौर साई बैंड मास्टर को दिए गए। इस बारे में एक लिखित दस्तावेज भी तैयार किया गया था, लेकिन बैंडमास्टर की पार्टी शादी के दिन बैंड बजाने नहीं आई। ऐसे में उपभोक्ता को करसोग से बैंड पार्टी लानी पड़ी। उक्त बैंड मास्टर की सेवाओं में कमी के चलते उपभोक्ता ने फोरम में शिकायत दायर की थी। फोरम की कार्यवाही में भाग न लेने के कारण एकतरफा कार्यवाही करते हुए फोरम ने अपने फैसले में कहा कि उपभोक्ता की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों से यह साबित हुआ है कि बैंड मास्टर ने अग्रिम राशि लेकर बैंड पार्टी लाने की बात स्वीकार की है। जिसके चलते फोरम ने बैंड मास्टर के बैंड न बजाने को सेवाओं में कमी करार देते हुए उक्त राशि ब्याज सहित लौटाने के अलावा हर्जाना और शिकायत व्यय भी अदा करने का फैसला सुनाया है।

Related posts