शादी का झांसा देकर रेप के दोषी को कैद

मंडी। शादी का झांसा देकर दुराचार के आरोपी को दोषी करार देते हुए अदालत ने सात साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि को पीड़िता के पक्ष में अदा किया जाएगा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एससी कैंथला के न्यायालय ने चच्योट तहसील के घाना सयांज निवासी कपिल देव पुत्र बृज लाल के खिलाफ भादसं की धारा 376 और 366 के तहत अभियोग साबित होने पर उसे क्रमश : सात साल और दो साल की कठोर कारावास तथा तीस और बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना राशि निश्चित समय में अदा न करने पर दोषी को एक-एक साल के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। ये दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष के अनुसार 27 अगस्त 2008 को आरोपी ने बालीचौकी से पीड़िता को शादी का झांसा देकर अगवा किया था और औट स्थित एक गेस्ट हाउस में उससे दुराचार किया। अगले दिन आरोपी ने पीड़िता को शादी के लिए पैसों का इंतजाम करने की बात कह कर उसे रिश्तेदारों के पास जाने को कहा था। जबकि इसके बाद आरोपी वापस नहीं लौटा और उसने शादी करने के इंकार कर दिया। ऐसे में पीड़िता ने अपने परिजनों को इस बारे में बताकर औट थाना पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे जिला न्यायवादी जेके लखनपाल ने 14 गवाहों के बयान दर्ज करवा कर आरोपी पर अभियोग साबित किया। सजा की अवधि पर हुई सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष का कहना था कि आरोपी का पहला अपराध होने के कारण उसके प्रति नरम रुख अपनाया जाए। जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से उसे अधिकतम सजा दिए जाने की दलील दी गई। अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी ठहराते हुए उक्त कारावास और जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया।

Related posts