
देहरादून: उत्तराखंड में आई तबाही के इतने दिन बीतने के बाद भी शवों का अंतिम संस्कार नही हो पाया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब तक केवल 36 शवों का ही अंतिम संस्कार हुआ है।
पिछले चार दिनों में किसी भी शव का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है। इतनी अधिक गिनती में शवों के अंतिम संस्कार को लेकर सरकार की परेशानी बढ़ती जा रही है।
खराब मौसम के चलते इन शवों के निपटारे का एकमात्र विकल्प रासायनिक प्रक्रिया है, लेकिन इस पर केदारनाथ के मुख्य पुजारी और साधु संतों ने कड़ा ऐतराज जताया है।
इस आपदा में सबसे अधिक प्रभावित केदारनाथ हुआ है। उत्तराखंड के डीजीपी सत्यव्रत बंसल का कहना है इस आपदा में भारी वाहनों को ले जाने की कोई सड़क नहीं बची है।
जानकारी अनुसार केदारनाथ में अभी भी 60-65 तक शव जमीन पर पड़े हुए है। वहीं केदारनाथ में मलबे को हटाना भी बहुत बड़ी चुनौती बनी हुई है।
राज्य सरकार ने इस कार्य के लिए पहले तो सूरत की एक संस्था को बुला लिया, लेकिन अब बुलावे से ही मुकर गई। 14 सदस्यीय टीम को केदादनाथ जैसी घाटी से हालातों से निपटने का अनुभव का है। लेकिन सरकार टीम को शवों के पास जाने भी नहीं दे रही। सरकार के इस रवैये से पूरी टीम काफी दुखी है।
