
हमीरपुर। कुकुरमुत्तों की तरह खुल रहे निजी संस्थानों को सरकार ने झटका दिया है। अब उन्हीं निजी संस्थानों में अध्ययनरत छात्रों को कौशल विकास भत्ता मिलेगा जो संस्थान सरकार और विभाग की शर्तों को पूरा करेंगे। शर्तें पूरी करने के बाद संस्थानों को एंपेनलमेंट के लिए फार्म भी भरना होगा। फाइल रोजगार विभाग के पास जमा करवाने के बाद सब डिवीजन स्तर पर गठित कमेटी संस्थान का निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के बाद शर्तें पूरा करने वाले संस्थानों के छात्र ही कौशल विकास भत्ते के लिए पात्र होंगे। जो संस्थान बिना मान्यता के चल हैं और शर्तों को पूरा नहीं करते हैं, उन संस्थानों में प्रशिक्षण ले रहे छात्र कौशल विकास भत्ते के लिए पात्र नहीं होेंगे।
कौशल विकास भत्ता दिलाने के नाम पर निजी संस्थान बेरोजगारों को प्रवेश दे रहे थे। बिना मान्यता के चल रहे ऐसे संस्थान बेरोजगारों को गुमराह कर रहे थे। इसकी शिकायतें लगातार विभाग को मिल रही थीं। इस पर कड़ा संज्ञान लिया है। विभाग ने कौशल विकास भत्ते के लिए निजी संस्थानों के छात्रों के आवेदन लेना बंद कर दिए हैं। सरकारी, एनसीवीटी और एससीवीटी से मान्यता प्राप्त संस्थानों के आवेदकों के आवेदन ही लिए जा रहे हैं।
32 संस्थानों की फाइलें लौटाईं
फर्जीवाड़े को रोकने के लिए रोजगार विभाग ने करीब 32 ऐसे संस्थानों को फाइलें वापस कर दी हैं, जिन्होंने अभ्यर्थियों को कौशल विकास भत्ते के लिए आवेदन पत्र दिए थे। संस्थानों को सरकार और विभाग की शर्तों को पूरा करने के लिए कहा गया है। एंपेनलमेंट के लिए फार्म भर कर रोजगार कार्यालय में देना होगा। जो संस्थान शर्तें पूरा नहीं करते हैं, उनके द्वारा दिए गए आवेदन पत्र मान्य नहीं होेंगे।
क्या है शर्तें
संस्थान सरकार से मान्यता प्राप्त होना चाहिए। संस्थान के पास कौशल विकास देने का कम से कम एक वर्ष का अनुभव होना चाहिए। किसी भी ट्रेड में कौशल विकास देने के लिए तय ट्रेनिंग पीरियड पूरा करना होगा। संस्थान में लड़के-लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए। संस्थान में एक छात्र के लिए थियोरी और प्रैक्टिकल के लिए कम से कम एक स्क्वेयर मीटर स्थान होना चाहिए। इसके साथ ही करीब 15 शर्तों को पूरा करना होगा।
निजी संस्थानों के आवेदन नहीं लिए जा रहे है। करीब 32 संस्थानों की फाइलें वापस कर दी गई हैं और शर्तों को पूरा करने के लिए कहा गया है। संस्थानों का निरीक्षण करने के लिए सब डिवीजन लेवल पर कमेटियों का गठन किया गया है।
-योगराज धीमान, जिला रोजगार कार्यालय अधिकारी
