शराब त्रासदी : अकाली नेता गिरफ्तार, भाजपा और आप ने साधा सरकार पर निशाना

शराब त्रासदी : अकाली नेता  गिरफ्तार, भाजपा और आप ने साधा सरकार पर निशाना

चंडीगढ़
पंजाब राजभवन की तरफ धरना देने जा रहे शिरोमणि अकाली के नेताओं को चंडीगढ़ पुलिस की तरफ से गिरफ्तार कर लिया गया। अकाली दल के वरिष्ठ नेता बलविन्दर सिंह भूंदड़ और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के नेतृत्व में पार्टी नेता राजभवन के आगे धरना देने के इरादे के साथ मार्च करते हुए जा रहे थे लेकिन उन्हें पहले ही चंडीगढ़ पुलिस की तरफ से गिरफ्तार कर सेक्टर-3 के थाने ले जाया गया, जहां बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।

मौके पर मीडिया के साथ बातचीत करते हुए भूंदड़ और मजीठिया ने कहा कि शराब मामलों में पंजाब सरकार को तुरंत बर्खास्त किया जाए और पीड़ित परिवारों को 25 -25 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। अकाली नेताओं ने कहा कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि मुख्यमंत्री ही जहरीली शराब त्रासदी के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। इसीलिए उन्होंने नाजायज शराब के व्यापार में लगे कांग्रेसियों और डिस्टिलरी मकान मालिकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
साथ ही कहा कि अकाली दल राजभवन में राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर को यह कहने आया था कि सुखबीर बादल और मनोरंजन कालिया का नेतृत्व में कल वफद ने जो मांग पत्र उन्हें सौंपा था, उस पर कार्रवाई की जाए। दोनों अकाली नेताओं के साथ अमृतसर के मुच्छल गांव से पीड़ित परिवारों के कुछ रिश्तेदार भी थे। जिन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की तरफ से अपने दौरे के दौरान जिन विधायकों पर जहरीली शराब बांटने के लिए जिम्मेदार होने के आरोप लगे, को स्टेज पर बैठाना निंदनीय है।

शराब त्रासदी में सीबीआई जांच से कैप्टन क्यों कर रहे गुरेज: अश्वनी शर्मा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के तरनतारन दौरे के दौरान पीड़ित परिवारों के लिए की नई घोषणाओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जहरीली शराब त्रासदी में मारे गए लोगों के प्रभावित परिजनों से मिलना एक ढोंग है। कैप्टन पीड़ितों का दुख बांटने नहीं बल्कि अपना राजनीतिक मकसद पूरा करने पहुंचे हैं।

123 लोगों की मृत्यु होना सामान्य नहीं है, बल्कि कैप्टन सरकार की अनदेखी के चलते एक सरकारी कत्ल है। अश्वनी शर्मा ने कहा कि अगर कैप्टन को पीड़ित परिवारों के जख्मों पर मरहम लगाने की इतनी ही फिक्र है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करके सजा दिलवाने की बात कह रहे हैं तो वह केंद्र सरकार से इस मामले की सीबीआई जांच की मांग क्योंकि नहीं करते।

अश्वनी शर्मा ने कहा कि पहले कैप्टन ने पीड़ितों को 2-2 लाख रुपये देने का एलान किया था लेकिन अब उसे बढ़ाकर 5-5 लाख करने की घोषणा की है और कच्चे घरों में रहने वालों को पक्के घर बना कर देने का भी वादा किया है। आबकारी विभाग खुद कैप्टन ने अपने पास रखा हुआ है जिससे कि इस त्रासदी की सीधे तौर पर जिम्मेदारी उनकी ही बनती है। कैप्टन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर सजा दिलवाने की बात कर रहे हैं लेकिन पंजाब और पंजाबी उन पर विश्वास कैसे करें, क्योंकि कांग्रेस के अपने नेता, विधायक व मंत्री खुद इन मामलों में लिप्त हैं।

मुख्यमंत्री ने तरनतारन दौरा बहुत देर से किया: भगवंत मान
आम आदमी पार्टी पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद भगवंत मान ने माझा में जहरीली शराब के कहर के बाद शुक्रवार को तरनतारन पहुंचे मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को घेरते हुए कहा कि बतौर मुख्यमंत्री पीड़ित परिवारों का हालचाल पूछने में उन्होंने बहुत देर कर दी है। जारी बयान और अपने सोशल मीडिया द्वारा मुख्यमंत्री से भगवंत मान ने कहा कि 29 जुलाई को जहरीली शराब से पहली मौत की खबर आई थी।

इन 10-11 दिनों में करीब 113 मौतें हो चुकी हैं और यह सिलसिला रुका नहीं। पीड़ित परिवारों को दूर-दूर से मिले मुख्यमंत्री सिर्फ 2 की जगह 5 लाख मुआवजा या सेहत बीमा जैसी छोटी मोटी सुविधा से अधिक कुछ नहीं एलान कर सके। भगवंत मान ने कहा कि इस जहरीले धंधे में शामिल विधायक और अन्य कांग्रेसी की आओ भक्त कबूलने के बजाय उन पर तुरंत कत्ल के मामले दर्ज करवाते।

 

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