
कांगड़ा। कांगड़ा मंदिर रेलवे स्टेशन मार्ग पर स्थित ठेके पर शनिवार रात बवाल मच गया। दो गुटों में हुई मारपीट में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें टांडा अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वहीं, गुस्साई महिलाएं भी आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर थाने के बाहर जमा हो गईं। हालांकि, समझाने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। पुलिस ने मामले में क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है। दोनों गुट एक दूसरे पर मारपीट के आरोप लगा रहे हैं। पुलिस भी मामला दर्ज कर छानबीन में जुट गई है।
पुलिस में एक गुट ने शिकायत दी है कि दो लोगों ने पहले ठेके से शराब ली और उसके बाद जब वह वापस आए तो एक व्यक्ति के बारे में पूछने लगे। जब कहा गया कि वे उस आदमी को नहीं जानते तो उनमें से एक ने ठेके में तोड़फोड़ शुरू कर दी। ऐसे में ठेके के कर्मचारियों ने दोनों को पकड़कर अंदर बंद कर दिया और इसकी सूचना पुलिस को दी। वहीं, दूसरे पक्ष की तरफ से अनिल और रमेश ने आरोप लगाया है कि ठेके का शटर बंद कर उनकी बेरहमी से पिटाई की गई। उधर, पुलिस जैसे ही दोनों गुटों के लोगों को पुलिस स्टेशन लाने की तैयारी कर रही थी कि इतने में पास लगते गांव से काफी संख्या में लोग आ गए। अनिल ने आरोप लगाया कि ठेेके का एक चालक गाड़ी लेकर आया और उसने तेजी से गाड़ी भीड़ की ओर बढ़ाई। इस कारण उसकी टांग टूट गई। गुस्साए लोगों ने कहा कि घायलों को गंभीर हालत में अस्पताल लाने के बजाय उन्हें थाने चलने के लिए कहा गया। उधर, मारपीट करने वालों की गिरफ्तारी न होने से गुस्साए गांव के लोग थाने पहुंच गए। लोगों का आरोप है कि वारदात के इतने घंटे बीत जाने के बाद भी कोई गिरफ्तारी पुलिस ने नहीं की है। शाम तक आरोपियों को पुलिस की गिरफ्त में करने के आश्वासन के बाद लोग वापस घर चले गए। इस दौरान महिलाओं ने मांग रखी कि यहां दोबारा ठेका न खोला जाए। थाना प्रभारी मोहिंद्र सिंह मन्हास ने बताया कि पुलिस ने दोनों पक्षों की तरफ से क्रॉस एफआईआर दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
