शक्तिपीठ में सुरक्षा के हालात जस के तस

ज्वालामुखी (कांगड़ा)। विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठों में अलर्ट के बावजूद सुरक्षा पर सवालिया निशान लग रहे हैं। केंद्र से अलर्ट के बावजूद ज्वालामुखी शक्तिपीठ में सुरक्षा को लेकर कोई अतिरिक्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
हालात यह हैं कि मां ज्वाला की पवित्र ज्योतियों के दर्शनों को ज्वालामुखी मंदिर आ रहे हजारों श्रद्धालु बिना किसी चेकिंग के दर्शन कर रहे हैं। हैरत की बात तो यह है कि मंदिर प्रशासन के पास सुरक्षा के लिए खरीदे गए हैंड मेटल डिटेक्टर और डोर मेटल डिटेक्टर मौजूद हैं, लेकिन यह सुरक्षा उपकरण महज स्टोर रूम की शोभा बढ़ा रहे हैं। ऐसे में मंदिर प्रशासन द्वारा की जा रही श्रद्धालुओं की सुरक्षा के प्रबंधाें पर सवाल उठना लाजिमी है। गौर रहे कि अभी महाबोधि मंदिर में सीरियल ब्लास्ट में श्रद्धालु ही इस हादसे में घायल हुए थे। इस घटना के बाद देश के सभी शक्तिपीठों में व हिमाचल के बौद्घ मंदिरों में भी सुरक्षा कड़ी करने का अलर्ट जारी है, लेकिन न जाने क्यों मंदिर प्रशासन मंदिर की सुरक्षा पर गंभीरता दिखा रहा है। इससे पहले भी एक आतंकी संगठन ज्वालामुखी मंदिर में हमला करने की धमकी दे चुका है और भी कई आतंकी संगठनों के निशाने पर यह शक्तिपीठ रहे हैं। ऐेसे में इन शक्तिपीठों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर गंभीरता न दिखाना श्रद्धालुओं की सुरक्षा को दांव पर लगाने जैसा है।
उधर, सहायक मंदिर आयुक्त व एसडीएम विनय कुमार ने इस संदर्भ में बताया कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुरक्षा प्रदान की जाए, इसके लिए मंदिर प्रशासन प्रयासरत है। साथ ही यह स्पष्ट भी किया कि वह वीरवार को मंदिर में नवरात्र मीटिंग में शामिल हुए हैं।

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