वोट बैंक तक नहीं बचा पाई भाजपा

रामपुर बुशहर। पहले विधानसभा और अब मंडी लोकसभा उपचुनाव में भाजपा को रामपुर में जोर का झटका लगा है। कांग्रेस के गढ़ में अपना दबदबा बढ़ाने के लिए जी तोड़ मेहनत करने के बावजूद उपचुनाव में भाजपा अपना वोट बैंक तक नहीं बचा पाई। विधानसभा चुनाव के बाद उपचुनाव में आई इस गिरावट से साफ है कि यहां भाजपा जनाधार तेजी से घट रहा है। वहीं, कांग्रेस ने 24099 की लीड लेकर 8625 की बढ़त बनाई है। वर्ष 2009 में कांग्रेस ने 15 हजार 474 की लीड ली थी।
वर्ष 2009 में हुए आम चुनाव पर नजर दौड़ाएं तो रामपुर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी को यहां से 13883 वोट मिले थे, जो वर्ष 2004 के आम चुनाव के मुकाबले 6891 अधिक थे। वर्ष 2004 में भाजपा को रामपुर से 6992 वोट मिले थे। इस उपचुनाव में मिले लोगों के समर्थन ने भाजपा को फिर से बैकफुट पर ला दिया है। इस बार मिले 6439 वोट वर्ष 2004 में मिले मतों की तुलना में 553 कम हैं। वोट के मामले में रामपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने भाजपा को दूसरी बार झटका दिया है। इससे पहले विधानसभा चुनाव में रामपुर में भाजपा का वोट बैंक लगभग डेढ़ हजार कम हुआ है। चुनावी वर्ष में ननखड़ी ब्लॉक में कालेज, आईटीआई खोलने के बावजूद लोगों ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का साथ दिया था। कारण चाहे जो भी रहे हों, लेकिन जनता ने कांग्रेस के गढ़ में अपना दबदबा बढ़ाने की भाजपा की तमाम कोशिशें बेकार कर दीं। वहीं, लगातार दूसरे झटके से यह भी साफ हो गया कि रामपुर में भाजपा जनाधार बढ़ने के बजाय तेजी से घट रहा है। वर्ष 2014 में होने वाले आम चुनाव में भाजपा अपना वोट बैंक बढ़ा पाएगी या फिर जनाधार और गिरेगा, यह देखना बाकी है। फिलहाल, लगातार घटता जनाधार भाजपाइयों के लिए चिंता का विषय है और इसको बढ़ाने की चुनौती भी है।

Related posts