
कोर्ट ने सीबीआई की रिपोर्ट पर जताई असंतुष्टि
अदालत ने सीबीआई को विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि राजनीतिज्ञों के खिलाफ जांच में ढिलाई क्यों बरती जाती है?
खंडपीठ ने सीबीआई को 30 अप्रैल तक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट में याचिका में लगाए गए सभी आरोपों का विस्तृत हवाला होना चाहिए।
क्या है मामला
इसके बाद याचिकाकर्ता प्रशांत भूषण ने वकामुल्ला चंद्रशेखर की कंपनी को चंबा में दिए गए एक प्रोजेक्ट के बदले उनसे धन लेने के आरोपों को अलग आवेदन देकर याचिका में जोड़ा था।
कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बीडी अहमद व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की खंडपीठ ने इस मामले में सीबीआई द्वारा पेश रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद असंतुष्टि जताते हुए कहा रिपोर्ट में ऐसा कुछ नहीं है जिससे पता चले कि क्या जांच की गई।
खंडपीठ ने कहा कि मामले की जांच दो वर्ष से चल रही है, लेकिन अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं है कि जांच कहा तक पहुंची, जांच किस प्रकार की गई और किन दस्तावेजों का अध्ययन किया गया।
याचिकाकर्ता अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि सीबीआई जानबूझ कर मंत्रियों व मुख्यमंत्रियों के मामलों की जांच में देरी करती है।
