
बागेश्वर। सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा है कि कपकोट क्षेत्र में दैवीय आपदा के कारण काफी नुकसान हुआ है। छोटी आपदाएं भविष्य के बड़े खतरे का भी संकेत हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावितो के लिए स्थायी पुनर्वास नीति ही एकमात्र कारगर उपाय है। प्रत्येक परिवार को मकान और तीन एकड़ भूूूमि मिलनी चाहिए।
खाईबगड और लीमा क्षेत्र के दौरे से लौटने के बाद सांसद ने बताया कि 30 जुलाई की रात खाईबगड़ के साथ ही लीमा और फरसाली में भी बादल फटने से तबाही हुई। जिससे क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ। लीमा में ढाई एकड़ उपजाऊ भूमि तबाह हो गई है। फरसाली क्षेत्र में पुलों को नुकसान होने के कारण यातायात बाधित होने की आशंका है। प्रदीप टम्टा ने कहा कि पूरे प्रदेश में संवेदनशील गांवों को स्थायी पुनर्वास नीति के तहत विस्थापित करने की आवश्यकता है। प्रत्येक प्रभावित भूमिहीन परिवार को मकान और तीन एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार से इस संबंध में वार्ता की जाएगी सांसद ने बताया कि तीन अगस्त को देहरादून में प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी की अध्यक्षता में बैठक होगी। जिसमें वह स्वयं भी भाग लेंगे। इस बैठक में आपदा राहत सहित कई अहम मामलों पर चर्चा होनी है।
