विस्थापन की मांग पर अड़े गणांई के ग्रामीण

जोशीमठ। ब्लॉक के आपदा प्रभावित गणांई के ग्रामीणों ने विस्थापन की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन कर सांकेतिक धरना दिया। कहा गया कि वर्ष 1998 के बाद से गांव पर खतरा मंडरा रहा है, लेकिन शासन-प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीण दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि एक सप्ताह के भी विस्थापन की प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
धरना स्थल पर हुई सभा में वन पंचायत सरपंच सरोजनी देवी ने कहा कि वर्ष 1998 में गांव के दोनों ओर से भूस्खलन हो गया था। इसके पश्चात जब गांव में भू वैज्ञानिकों की टीम पहुंची, तो वैज्ञानिकों ने उक्त स्थान को बसावट के लिए खतरा बताया था। लेकिन इसके बावजूद शासन-प्रशासन द्वारा विस्थापन की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। भाकपा माले के अतुल सती ने कहा कि गांव के विस्थापन के लिए प्रशासन द्वारा चयनित तोक भी सुरक्षित नहीं है। प्रदर्शनकारियों में जिला पंचायत सदस्य भरत सिंह कुंवर, जयदीप रावत, जगदीश सती, गीता मैखुरी, सरोजनी देवी, मुन्नी देवी, गोदांबर, विमला आदि शामिल थे।

Related posts