

विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा दो मार्च को शुरू हुई। पहले दिन 27,254 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। तीन मार्च को तीनों पाली की परीक्षा में महज 6609 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। चार मार्च को 25,356 परीक्षार्थियों को शामिल होना है। तीन मार्च को परीक्षा केंद्रों में बदलाव किया गया। कुछ नए केंद्र सूची में शामिल हुए हैं। विश्वविद्यालय के पास तैयारियां पूरी करने के लिए चार मार्च का ही समय है।
दो दिन की परीक्षा में उड़नदस्ते केंद्रों का निरीक्षण करने के लिए नहीं निकले। यूपी बोर्ड की तर्ज पर विश्वविद्यालय की परीक्षाओं की भी वेबकास्टिंग होनी है। कुलपति सचिवालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है, लेकिन परीक्षा केंद्र इससे जुड़ नहीं पाए हैं।प्रशासन और पुलिस से सहयोग मांगा
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार ने मुख्य परीक्षा के संबंध में मंडलायुक्त और पुलिस महानिरीक्षक को पत्र लिखा है। परीक्षाओं को नकल विहीन कराने के लिए नोडल और परीक्षा केंद्रों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपेक्षा की है।
मूल्यांकन केंद्र अभी नहीं निर्धारित
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार परीक्षा शुरू होने के एक हफ्ते के अंदर मूल्यांकन कार्य शुरू होना था। लेकिन, इसकी तैयारी नहीं हो पाई है। मूल्यांकन केंद्रों का निर्धारण तक नहीं किया गया है। अभी परीक्षाएं पटरी पर आने का इंतजार किया जा रहा है। कुलसचिव का कहना है कि होली के बाद मूल्यांकन कार्य शुरू किया जाएगा। समय से मूल्यांकन कार्य संपन्न करा लिया जाएगा।
