विवादित कानूनगो को किया रिवर्ट

रुड़की। कार्यवाहक एसडीएम बनकर रुड़की आए पीसीएस अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। अपने 20 दिन के कार्यकाल में कार्यवाहक एसडीएम ज्वाइंट मजिस्ट्रेट (आईएएस अधिकारी) के आदेशों को बदलने के साथ ही ऐसे विवादित कानूनगो को रिवर्ट कर गए, जिन पर चार माह में दो बार कार्रवाई हो चुकी है।
थीथकी गांव में परमिशन से अधिक मिट्टी उठान के मामले में मंगलौर के हलका कानूनगो हुकम सिंह की संलिप्तता पाई गई थी, जिस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सोनिका ने उन्हें 28 मई को तहसील मुख्यालय अटैच कर दिया था। इसी मामले में हलका लेखपाल को सस्पेंड कर दिया गया था। कानूनगो का कार्यक्षेत्र भी बदलने की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के अवकाश पर जाने से मामला बीच में अटक गया। इसके बाद तीन जून को पीसीएस अधिकारी केके मिश्रा रुड़की के कार्यवाहक एसडीएम बने। दस दिन बाद ही एसडीएम ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सोनिका के आदेशों को बदलते हुए विवादित कानूनगो को फिर मंगलौर क्षेत्र में ही 15 जून को तैनाती दे दी। जबकि इसी क्षेत्र के लिब्बरहेड़ी गांव में कोर्ट की अवहेलना कर कृषि भूमि से एक पक्ष को फसल कटवाने के मामले में कानूनगो हुकुम सिंह 23 फरवरी को सस्पेंड हो चुके थे। विवादित कानूनगो को उसी क्षेत्र में दोबारा तैनात किए जाने की चर्चा प्रशासनिक अमले के साथ ही आम लोगों में भी खूब हो रही है।

कोट…
तहसील मुख्यालय में अटैच कानूनगो हुकम सिंह को डीएम के निर्देश पर ही मंगलौर में तैनात किया गया था। अपनी मर्जी से मैंने कुछ नहीं किया।
– केके मिश्रा, तत्कालीन कार्यवाहक एसडीएम, रुड़की

काम की व्यवस्थाओं को देखते हुए कार्यवाहक एसडीएम ने कानूनगो को तहसील मुख्यालय से क्षेत्र में तैनात किया होगा। मामले की ज्यादा जानकारी ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की से ली जा सकती है।
– निधि पंाडे, जिलाधिकारी

मंगलौर कानूनगो को मिट्टी उठान के मामले में संलिप्त पाए जाने तहसील मुख्यालय अटैच किया गया था, इकबालपुर कानूनगो को मंगलौर का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था। इसके बाद यह सब कैसे हुआ इसकी जानकारी नहीं है।
– सोनिका, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की

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