विभाग के पास नहीं धान के हाईब्रीड बीज

गोहर (मंडी)। जिले के करीब बीस हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बोई जाने वाली धान की फसल की नर्सरी आवंटन के लिए तैयार हैं। लेकिन कृषि विभाग द्वारा किसानाें की मांग अनुसार धान की हाईब्रीड किस्म का बीज उपलब्ध न होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बीज के लिए किसान कृषि विभाग के विक्रय केंद्रों के चक्कर काटते नजर आ रहे हैं। अत्यधिक पैदावार देने वाली हाईब्रीड किस्मों के बीजाें की मांग होने के बावजूद विभाग अभी तक इसे किसानों को उपलब्ध नहीं करवा
पाया है।
जिले के जोगिंद्रनगर, सरकाघाट और बल्ह घाटी के किसान कई सालाें से हाईब्रीड धान यूएस-312, स्विफट और यूएस 315 जैसी आधुनिक हाईब्रीड किस्मों की बिजाई करते आ रहे हैं। इस समय जिले के करीब तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्र में हाईब्रीड किस्म के धान के बीजों का उपयोग किसान कर रहे हैं। हाईब्रीड धान की आधुनिक किस्माें की बीज दर केवल मात्र एक किलोग्राम प्रति बीघा लगती है। साधारण धान आठ से दस किलो प्रति बीघा लगता है। हाईब्रीड धान की पनीरी का एक-एक पौधा रोपित किया जाता है जबकि दूसरी पुरानी किस्में पांच-छह पौधे एक साथ रोपित होते हैं।
कृषि विभाग द्वारा धान का साधारण और सर्टिफाइड बीज तो सरकारी विक्रय केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध करवाया जाता है और इन बीजाें पर अनुदान भी मुहैया होता है। लेकिन हाईब्रीड धान की अधिकतर किस्में कृषि विवि पालमपुर द्वारा प्रमाणित, अनुमोदित और आईएआरआई से नोटिफाइड होने तथा इनकी भारी मांग के बावजूद विभाग बीज तैयार करने वाली निजी कंपनियों के साथ आज तक कोई करार नहीं कर पाया है। किसान किशन, सजय, अंनत राम सैनी, मान सिंह राणा, दिग्विजय सिंह, पवन कुमार, नोता राम, यशपाल, रामलाल, राकेश, सूरज, करतार सिंह, धर्मचंद और प्रेम लाल ने कहा कि हाईब्रीड किस्मों के धान की बिजाई कई सालों से करते आ रहे हैं लेकिन विभाग हाईब्रीड किस्म का बीज अनुदान पर मुहैया नहीं करवा पा रहा है।

हाईब्रीड वैरायटी नहीं हो सकी ईजाद
विभाग अभी तक कोई हाईब्रीड वैरायटी ईजाद नहीं कर सका है। कुछ एक निजी कंपनियों द्वारा टेस्ट करवाए गए हाईब्रीड धान यूएस 312, स्विफट, यूएस 315 जैसी कुछ किस्मों के प्रदेश की जलवायु अनुसार बेहतर परिणाम आएहैं। इन्हें अनुमोदित किया गया है बाकी कुछ एक की प्रकिया जारी है।
…डा. जहावीर शेखर, इंचार्ज धान अनुसंधान केंद्र मलां कांगड़ा

मर्जी के मुताबिक बीज न थोपे विभाग
कुछ सालों से हाईब्रीड धान की बदौलत प्रदेश में खासकर मंडी जिले में उत्पादन में बढ़ा है। विभाग से मांग है कि विभाग अपनी मर्जी मुताबिक किसानाें को बीज न थोपे और किसानाें को उन्नत मक्की 4642 बीज के साथ हाईब्रीड धान यूएस 312, अराईज स्विफट, यूएस 315 और स्विफट बीज अनुुदान पर उपलब्ध करवाए।
…. -सुंका राम, प्रदेशाअध्यक्ष हिमाचल किसान सभा।

उन्नत बीज उपलब्ध करवाने के प्रयास जारी
विभाग के पास किसी भी हाईब्रीड धान की किस्म का बीज उपलब्ध नहीं है। विभाग के बिक्री केद्रों पर धान का सर्टिफाइड और फाउंडेशन बीज उपलब्ध है। विभाग उन्नत बीजों को अनुदान पर उपलब्ध करवाने के लिए प्रयत्नशील है।
…-राजेंद्र वर्मा, जिला कृषि अधिकारी मंडी।

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