
झंडूता (बिलासपुर)। कल्याण विभाग के माध्यम से सरकार ने गरीब, अक्षम, जरूरतमंद, बुजुर्गाें के उत्थान के लिए दर्जनों योजनाएं चलाई। विकास खंड झंडूता के हजारों लोगों को कल्याण विभाग के लिए विभाग की योजनाएं दूर की कौड़ी ही साबित हो रही हैं। कारण है झंडूता में विभाग के कार्यालय का न होना। योजनाओं का लाभ उठाने के लिए झंडूता के हजारों लोग 60 से 70 किलोमीटर का फासला तय करने को विवश है।
योजनाओं का फायदा उठाने के लिए लाभर्थियों को जरूरी कागजी कार्रवाई को पूरा करना होता है। सरकारी दफ्तरों का आलम यह है कि एक बार जाकर कार्यालयों में सरकारी काम होना मुश्किल है। ऐसे में लोगों को योजनाओं को आवेदन के लिए बार-बार सैकड़ों का किराया खर्च कर घुमारवीं के चक्कर काटने पड़ रहे। विभाग ने अक्षम, विशेष बच्चों के लिए योजनाएं चलाई है। रजनीश, देवेश, सुनील, कपिल, अरुण, बुद्धि, प्यार सिंह, विजय, सुरेश, कपिल, अशोक, राजेश, सुमन, सुनीता ने कहा कि विकास खंड में दर्जनों सरकारी दफ्तर हैं। कल्याण विभाग कार्यालय नहीं होने से क्षेत्रवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने सरकार से विकास खंड में विभाग कार्यालय खोलने की मांग की है। लोगों को योजनाओं का फायदा मिल सके। उधर एसडीएम घुमारवीं राजीव कुमार ने कहा कि कार्यालय खोलने के निर्णय सरकार के है। लोगों को असुविधा न हो इसके लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए है।
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झंडूता (बिलासपुर)। कल्याण विभाग की ओर से वृद्धों के लिए पेंशन की देने की योजना है। लेकिन बुजुर्गाें की पेंशन सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने में खत्म हो रही है। झंडूता के बुजुर्गों निकुराम, सुखराम, सहदेव, शंकर, शिवराम, प्रेम सिंह, श्याम सिंह, लेख राम, भाग सिंह, सावित्री देवी, विमला, प्रेमी देवी ने कहा कि कई बार पेंशन नहीं आती है तो उन्हें सौ से दो सौ रुपये खर्च कर घुमारवीं तहसील के विभाग कार्यालय में जाना पड़ता है। तब कहीं जाकर समस्या का हल हो पाता है। अगर झंडूता में कार्यालय होता तो शायद पेंशन घुमारवीं आने जाने में खर्च नहीं होती।
