
पपरोला (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश राजकीय टीजीटी (आर्ट्स) अध्यापक संघ जिला कांगड़ा इकाई के चुनाव पपरोला के ठारू में प्रदेशाध्यक्ष राकेश कानूनगो की अध्यक्षता में आयोजित हुए। चुनाव में लगातार तीसरी बार विनोद शर्मा को सर्वसम्मति से जिला इकाई का अध्यक्ष चुना गया। इससे पहले अध्यक्ष पद के लिए तीन शिक्षकों विनोद शर्मा, डा. अवस्थी और कुलभूषण पालसरा ने नामांकन भरा लेकिन बाद में अन्य दोनों उम्मीदवारों ने विनोद शर्मा के पक्ष में नामांकन वापस ले लिया।
जिला कार्यकारिणी में तिलक राज वरिष्ठ उपाध्यक्ष, ओम प्रकाश महासचिव, कामिनी शर्मा महिला विंग अध्यक्ष, पवन कपूर उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष प्यार चंद, प्रेस सचिव डा. मनोहर अवस्थी, संगठन मंत्री अजय कलोत्रा और सलाहकार रविंद्र चंदेल चुने गए।
नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष विनोद शर्मा ने उपस्थित सदस्यों का आभार जताया। चुनाव अधिकारी रमेश चड्ढा ने पदाधिकारियों को संगठन के संविधान की शपथ दिलाई। प्रदेशाध्यक्ष राकेश कानूनगो ने प्रदेश प्रतिनिधियों से 15 दिसंबर को घुमारवीं में होने वाले राज्य स्तरीय चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने को कहा।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान मुख्य संरक्षक रमेश चड्ढा और बिलासपुर के प्रधान सुरेश पन्याली चुनाव अधिकारी के रूप में मौजूद रहे। इस अवसर पर हमीरपुर के मोहिंद्र सिंह, इंदिरा रानी मौजूद सहित अंजुम जसरोटिया, अमर सिंह राणा, कुलभूषण पालसरा, सुरेश पन्याली, डॉ. मनोहर अवस्थी, मोहिंद्र सिंह, राजपाल, ओम प्रकाश आदि उपस्थित रहे।
ये हैं मांगें
राजकीय टीजीटी (आर्ट्स) अध्यापक संघ ने मुख्यमंत्री से टीजीटी शिक्षकों को 15 वर्ष कार्यकाल पूरा करने पर 2 विशेष वेतनवृद्धियां देने, मुख्याध्यापकों की पदोन्नति टीजीटी शिक्षकों से करने व 5 वर्ष कार्यकाल पूरा कर चुके पैरा शिक्षकों व अनुबंध शिक्षकों को एकमुश्त नियमित करने की मांग की है।
टीजीटी की अरसे से नहीं हो रही पदोन्नति : राकेश
बैजनाथ (कांगड़ा)। टीजीटी संघ के प्रदेशाध्यक्ष राकेश कानूनगो ने पेंशनर्स की अलग जेसीसी बैठक बुलाने के निर्णय के लिए वीरभद्र का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 80 प्रतिशत कर्मचारी शिक्षा विभाग में तैनात हैं। इस वर्ग की अलग जेसीसी की बैठक का निर्णय ऐतिहासिक होगा। जिला स्तरीय चुनाव के बाद प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि गलत नीतियों के कारण टीजीटी 30 वर्ष की सेवाओं के बाद भी उसी पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। असमानता के चलते पंजाब का टीजीटी हिमाचल के टीजीटी से प्रतिमाह 8400 रुपये अधिक ले रहा है। वर्तमान में 28 हजार टीजीटी के लिए मात्र 829 उच्च विद्यालय रह गए हैं। पदोन्नति नियमावली 2005 के तहत 50-50 के कोटे को बदल कर 80-20 कर देना चाहिए। अनुबंध पर नियुक्त शिक्षकों को पंजाब की तर्ज पर तीन वर्ष में नियमित करके प्रदेश के कर्मचारियों की तरह समस्त वित्तीय लाभ मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि अप्रैल माह तक संघ अपनी वेबसाइट लांच करेगा। उसमें शिक्षा विभाग से संबंधित समस्त जानकारियां उपलब्ध रहेंगी।
