
पौड़ी। इसे शरारती तत्वों के दिमाग की उपज कहें या फिर किसी वोटर का आक्रोश। शहर में क्षेत्रीय विधायक की गुमशुदगी के पोस्टर चस्पा हुए हैं। राजनीतिक गलियारों ही नहीं बल्कि आम लोगों में यह पोस्टर चर्चा का विषय बने हैं।
उल्लेखनीय है कि क्षेत्रीय विधायक सुंदरलाल मंद्रवाल पिछले तीन माह से मुख्यालय में नहीं आए हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता भी इस बात को स्वीकार करते हैं कि विधायक क्षेत्र में कम और राजधानी में अधिक रहते हैं। कुछ दिनों से शहर के बाजाराें की दीवारों पर चस्पा विधायक की गुमशुदगी के पोस्टर चर्चा का विषय बने हैं। इनमें जो लिखा है उसमें या तो किसी शरारती दिमाग ने काम किया है या फिर किसी वोटर ने अपनी भड़ास निकाली है। पोस्टरों में क्षेत्रीय विधायक सुंदरलाल मंद्रवाल के छह माह से लापता होने की सूचना है और जानकारी देने वाले को बाकायदा पुरस्कार की भी बात कही गई है।
शहर के कई जागरूक लोगों का कहना है कि क्षेत्रीय विधायक अक्सर क्षेत्र से गायब रहते हैं, लिहाजा क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं से वह अनभिज्ञ बने रहते हैं। विधानसभा में भी क्षेत्र की आवाज बुलंद नहीं हो रही है। विधायक का इलाके का रुख न करना जन भावनाओं का अपमान है। सार्वजनिक स्थानों पर विधायक की गुमशुदगी के पोस्टर चस्पा होना जनाक्रोश की परिणति ही कहा जाएगा। विधायक को समय-समय पर जनता के बीच आना चाहिए और उसकी बात सुननी चाहिए।
क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध हूं : मंद्रवाल
पौड़ी। क्षेत्रीय विधायक सुंदरलाल मंद्रवाल ने कहा कि बीते जून माह में उन्होंने पूरे इलाके का दौरा कर जन समस्याएं सुनी। आपदा प्रभावित क्षेत्रों का विशेष दौरा होने की वजह से भी उनकी व्यस्तता रही। उनकी छवि धूमिल करने के लिए मिथ्या आरोप लगाए जा रहे हैं। क्षेत्र की जनता उनकी निष्ठा को भली प्रकार जानती है। क्षेत्र के विकास के लिए वह सरकार से कई योजनाएं स्वीकृत करा चुके हैं।
