
धर्मशाला। जाली करेंसी मामले में पुलिस ने तहकीकात तेज कर दी है। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। अब पुलिस मामले में संलिप्त अन्य लोगों के बारे में सुराग हासिल करने में जुटी हुई है। उधर, जाली नोट में प्रयोग किए गए कागज की गुणवत्ता को फोरेंसिक लैब में जांचने की तैयारी है। जाली करेंसी में असली नोट जैसे पेपर के प्रयोग होने की खबर है। इससे पुलिस भी सकते में है। हालांकि पेपर को लेकर पुलिस ने अभी तक कोई भी पुष्टि नहीं की है। लेकिन सूत्र बताते हैं कि यह पेपर के विदेश से इंपोर्ट होने की संभावना भी जताई जा रही है। आशंका है कि इसे स्विटजरलैंड से आयात किया गया है।
जाली नोट में असली नोट के मुकाबले कम फीचर बताए गए हैं। वहीं, सूत्र बताते हैं कि असली नोट का पेपर स्विट्जरलैंड या अन्य देशों से इंपोर्ट होता है। अगर, जाली नोटों में असली नोट का पेपर यूज हुआ है तो मामला काफी संगीन हो सकता है। इससे जाली नोट छापने वाले गिरोह का संबंध दूसरे देशों में बैठे सरगना से भी हो सकता है। पुलिस इस बिंदु पर भी छानबीन कर रही है। वहीं, फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस को मुख्य सरगना तक पहुंचने में काफी मदद मिलेगी। लैब के सूत्र खुलासा करते हैं कि आजकल मिल रहे जाली नोट लगभग हूबहू असली नोट जैसे हैं। ऐसे में साधारण व्यक्ति को नोट में असली और नकली का पता नहीं चल पाता। वहीं, नोट की छपाई में प्रयोग की गई इंक की जांच से भी नए खुलासे हो सकते हैं। प्रिंटर में यूज हुई इंक कहां से आई है। इस बारे में गुप्त छानबीन चल रही है।
उधर, एएसपी मोहित चावला ने बताया कि इस मामले में गहनता से छानबीन की जा रही है। इसके लिए एक कमेटी का गठन भी किया है। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। उन्होंने बताया कि पुलिस के द्वारा की जा रही कार्रवाई का खुलासा नहीं किया जा सकता है।
