विदेशी नशे में डूबने लगी युवा पीढ़ी

धर्मशाला। प्रदेश मेंसिंथेटिक और डिजाइनर ड्रग्स का कारोबार पैर पसारने लगा है। इसकी चपेट में युवा और छात्र वर्ग आने लगा है। धर्मशाला फोरेंसिक लैब में जांच के लिए पहुंचे मामलों से इसका खुलासा हुआ है। यहां विभिन्न जिलों से जांच के लिए 30 के करीब मामले पहुंचे हैं। हर माह औसतन दो मामले पहुंच रहे हैं। इन नशीली ड्रग्स की कीमत भी हजारों रुपये में है।
सूत्रों के मुताबिक समूह में रहने वाले लोग इनका सेवन ज्यादा कर रहे हैं। ड्रग्स का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार करने वाले लोग ही प्रदेश में यह नशा पहुंचा रहे हैं। पहले इन ड्रग्स का प्रचलन विदेशों में ज्यादा होता था। अब प्रदेश के युवा इसका शिकार होने लगे हैं। नशा करने वालों में कम उम्र के बच्चे और युवक-युवतियां शामिल हैं। युवा पीढ़ी मौज मस्ती के चक्कर में ड्रग्स का सेवन कर रही है और बाद में इसके आदी हो जाते हैं।
क्या है सिंथेटिक और डिजाइनर ड्रग्स
इस ड्रग्स को लेबोरेटरी में तैयार किया जाता है। इसमें नशीले केमिकल मिलाए जाते हैं। इसके सेवन से व्यक्ति नशे का अनुभव करता है। आदी होने के बाद व्यक्ति बार-बार ड्रग का सेवन करता है।
पुलिस कर रही कार्रवाई
एएसपी डा. शिव कुमार ने बताया कि पुलिस एनडीपीएस और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत कार्रवाई कर रही है।
जांच को पहुंच रहे मामले
फोरेंसिक लैब के निदेशक डा. अरुण शर्मा और सहायक निदेशक एसके पाल ने बताया कि सिंथेटिक और डिजाइनर ड्रग्स से जुड़े मामले जांच को पहुंच रहे हैं। जल्द ही रिपोर्ट दे दी जाएगी।

दो लोग गवां चुके हैं जान, चार लुटे
ड्रग्स के सेवन से नूरपुर में आठ माह पहले एक युवक की मौत हो गई थी। युवक ने एक साथ 80 टेबलेट खा लिए थे। ऊना के हरोली में भी 21 मई को ड्रग्स की ओवरडोज से युवक की मौत हो चुकी है। इसके अलावा अन्य जिलों से भी 25 के करीब मामलों में जांच चल रही है। चार व्यक्तियों को ठंडे पेयजल में डॉयजपाम और अलप्राजोलम मिलाकर पिलाने से लूटा भी जा चुका है। ये मामले ज्वालामुखी, अंब, ऊना और देहरा से हैं।

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