
शिमला

सचिवालय में सैनिटाइजर घोटाले की जांच कर रही विजिलेंस ने खरीद की प्रक्रिया में शामिल रहे सचिवालय के चार अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रश्नावली भेजकर जानकारी मांगी है। 15 बिंदुओं की इस प्रश्नावली में सभी से उनके दायित्वों के अलावा खरीद की प्रक्रिया, उनकी तैनाती का कार्यकाल, सप्लाई आर्डर में सैनिटाइजर खरीद का निर्णय करने वाले अधिकारी की जानकारी मांगी है। इसके अलावा खरीद कमेटी के सदस्यों, कोटेशन खोलने के लिए अधिकृत अधिकारी, प्रशासनिक मंजूरी के अलावा कई अन्य बिंदु शामिल हैं। जिन लोगों को यह प्रश्नावली भेजी गई है उनमें उप सचिव पुष्पलता सिंघा के अलावा सेक्शन अफसर कुसुम लता, सुपरिंटेंडेंट राजीव कुमार और क्लर्क सुखपाल शामिल हैं। इन सभी से अलग अलग तरह के सवाल पूछे गए हैं।
दरअसल, ब्यूरो को अभी तक की जांच में कई तरह की लीड मिली। जिनपर काम करने के बाद एक अफसर की ओर जांच की सुई घूम रही है। बद्दी की उस फर्म से पूरा ब्योरा विजिलेंस को मिल गया है। जिनसे सैनिटाइजर खरीदकर शिमला की फर्म ने सचिवालय में सप्लाई किया था। जांच में इस अफसर की की गतिविधियों से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज भी ब्यूरो ने अपने कब्जे में ले ली है। सभी से एक एक कर पूछताछ भी की जा चुकी है। लेकिन अब उन सभी से लिखित में प्रश्नावली के आधार पर उनके जवाब मांगे गए हैं। सूत्रों के अनुसार यह जवाब उनके लिखित बयान के तौर पर भी इस्तेमाल होंगे, साथ ही उनके जवाब के आधार पर जांच अधिकारी आगे की जांच तय करेंगे।
