
पावत। यदि आपने अपने वाहन की नंबर प्लेट में पंजीयन संख्या के अतिरिक्त कुछ भी लिखा है तो अब आपकी खैर नहीं। इस संबंध में मुख्य सचिव की ओर से जारी शासनादेश में नई व्यवस्था अमल में लाई गई है, जिसके तहत कोई भी वाहन स्वामी अपने वाहन की नंबर प्लेट में पंजीयन संख्या के अतिरिक्त कुछ भी नहीं लिख सकेगा। यदि ऐसा किया जाता है तो यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में माना जाएगा। इसके अलावा किसी गैर सरकारी वाहन में नेमप्लेट लगाने की व्यवस्था को भी वर्तमान में समाप्त कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक करन सिंह नगन्याल ने बताया कि समय समय पर प्रवर्तन की कार्रवाई के दौरान देखा गया है कि विभिन्न गैर सरकारी, निजी वाहन, टैक्सी और किराए के वाहनों में रजिस्ट्रेशन प्लेट के अलावा विभिन्न प्रकार की पट्टिका, उत्तराखंड सरकार के लोगो का अनिधकृत रूप से प्रयोग किया जा रहा है, जो कि नियम विरुद्ध है, ऐसा किए जाने से सुरक्षात्मक कार्यो के अलावा प्रशासनिक अव्यवस्था तथा वाहन के दुरुपयोग की संभावना रहती है। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था में अब कोई भी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी अपने प्राइवेट वाहन में भारत सरकार अथवा राज्य सरकार का लोगो या विभाग का नाम अंकित नहीं कर सकता है। अन्यथा यह लोक सेवक के अधिकारों का दुरुपयोग माना जाएगा। ऐसे अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा 177 के अधीन कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों को आवश्यक दिशा निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
