
बरठीं (बिलासपुर)। भूतपूर्व अर्धसैनिक बल संघ ने वर्षों से लंबित मांगे पूरी नहीं होने पर तल्खी जाहिर की है। संघ ने ऐलान किया है कि आगामी लोकसभा चुनाव में जो उनकी मांगों का पूरा करने का पक्का वादा करेगा, उसी को भूतपूर्व अर्धसैनिक अपना समर्थन देंगे।
संघ ने यह भी ऐलान किया है कि यदि किसी भी दल ने अपने चुनावी घोषणापत्र में जिक्र नहीं किया तो चुनावों का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया जाएगा। संघ के प्रदेश महासचिव दलेल सिंह चौहान, रूपलाल लखनपाल, एसके नड्डा, रूपलाल शर्मा, सुखदेव राणा, अभय सिंह ठाकुर, सूंका राम ठाकुर, नंद लाल तथा भूपसिंह ने कहा कि वर्षों से वह केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष अपनी मांगे उठा रहे हैं। उन्हें मलाल है कि किसी ने उनकी फरियाद नहीं सुनी। सरकार उनकी कोई सुध नहीं ले रही। उन्होंने कहा जब शहादत में फर्क नहीं है तो फिर सहूलियतों में फर्क क्यों। उनकी ड्यूटी के बारे सभी सरकारें व नेता अच्छी तरह से वाकिफ हैं कि किस तरह उनकी तैनाती देश के अत्यंत दुर्गम स्थानों पर प्रतिकूल परिस्थितियों में लगातार 24 घंटों की होती है। एक जैसे काम के लिए दो कानून होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उसी प्रकार उनके लिए अलग कानून बनाया जाए और उन्हें तुरंत सेंट्रल सिविल सर्विस रूल से अलग किया जाए। संघ ने आर्मी की तर्ज पर हर जिले में सीपीसी सेंट्रल पोलिस कैंटीन खोलने के लिए बजट का प्रावधान करने की भी मांग की है। आर्मी की तर्ज पर चिकित्सा लाभ, गृह मंत्रालय से अलग होकर नया मंत्रालय बनाने की भी संघ ने पुरजोर मांग उठाई है।
