
शिमला। ढली टनल में ट्रैफिक कांस्टेबल पर गाड़ी चढ़ाने के प्रयास में दर्ज एफआईआर और गैर जमानती धाराओं के खिलाफ आरोपी चालक ने आईजी से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। आरोपी ने कहा है कि कांस्टेबल ने उसके साथ बदतमीजी की। गाली गलौच, झूठे केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी। कहा कि ‘मार नहीं खानी है तो चुपचाप बैठे रह’ ‘तू जानता नहीं है कि मैं कहां का हूं’। बहरहाल पुलिस महकमे ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही कांस्टेबल के खिलाफ भी जांच शुरू करवा दी है।
बीते बुधवार शाम करीब चार बजे एक ट्रैफिक कांस्टेबल ने भट्ठाकुफर के एक कारोबारी दिनेश चोपड़ा पर ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने, गाड़ी चढ़ाने की कोशिश करने और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाते हुए थाना ढली में गैर जमानती धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। दूसरी ओर दिनेश चोपड़ा का कहना है कि उसे झूठे आरोप में फंसाया गया है। अगर ट्रैफिक कांस्टेबल पर वह गाड़ी चढ़ाने का प्रयास करता तो उसके बाद वह वहां क्यों रुकता। उल्टा कांस्टेबल ने उसे जान से मारने की धमकी दी और दुर्व्यवहार किया। इस बारे में लिखित में थाना ढली में शिकायत की गई और डीएसपी ट्रैफिक को भी कॉल कर वास्तुस्थिति से अवगत करवाया गया। कांस्टेबल पर गंभीर आरोप लगाते हुए दिनेश चोपड़ा ने कहा कि इस कांस्टेबल ने ऐसे ही एक झूठे मामले में कुछ समय पहले एक व्यक्ति को फंसाया था। मामला सेटल करने के आरोप में पैसों की डिमांड की, जिस पर उक्त व्यक्ति ने चेक के माध्यम से 15 हजार की पेमेंट की है। इसका साक्ष्य भी दिनेश चोपड़ा ने बैंक खाते के तौर पर पुलिस के समक्ष रखा। हालांकि ट्रैफिक कांस्टेबल अपने ऊपर लगे आरोपों को नकार रहा है और दावा कर रहा है कि झूठे आरोप लगाकर उसे फंसाने की साजिश की जा रही है।
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रिश्वत देना और लेना दोनों अपराध : एसपी
पुलिस अधीक्षक अभिषेक दुल्लर ने कहा कि अगर जांच में सामने आता है कि कांस्टेबल ने किसी मामले में रिश्वत ली है, तो रिश्वत देने वाले के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा। रिश्वत देना और लेना दोनों अपराध की श्रेणी में आता है।
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जांच के दिए हैं निर्देश : डीएसपी
डीएसपी सिटी पंकज शर्मा ने कहा कि दिनेश चोपड़ा की शिकायत के आधार पर जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। जिस कांस्टेबल पर संगीन आरोप लगाए गए हैं, उसकी विभागीय जांच होगी। छानबीन के बाद ही इस बारे में साफ तौर पर कह पाएंगे।
