वन विभाग के खिलाफ ग्रामीण फिर लामबंद

गोहर (मंडी)। शार्प शूटरों के लौटने पर जंजैहली घाटी के लोगों ने फिर वन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आदमखोर तेंदुए को पकड़े बिना शार्प शूटर लौट गए हैं। थुनाग में सराज किसान-बागवान संघ ने बैठक कर सरकार और वन विभाग से मांग उठाई है कि थुनाग और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय आदमखोर तेंदुए को पकड़कर इसे चिड़ियाघर ले जाया जाए। संघ के अध्यक्ष चतर सिंह ठाकुर ने बताया कि अगर वन विभाग तेंदुए को मार नहीं सकता है तो उसे पकड़ तो सकता है। जब तक तेंदुए की समस्या का हल नहीं होता, घाटी के लोग चैन की नींद नहीं सो सकते। संघ ने सरकार और वन विभाग को चेतावनी दी है कि अगर तेंदुए की समस्या का जल्द हल नहीं किया गया तो किसान-बागवान और स्थानीय लोग फिर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने पर मजबूर हो जाएंगे। बैठक में आए किसानों-बागवानों ने कहा कि वे तेंदुए के आतंक से खेतीबाड़ी का काम ठीक ढंग से नहीं कर पा रहे हैं। घाटी के थाचाधार और बगलियारा गांव में आदमखोर तेंदुए ने दो महिलाओं को मार गिराया था तथा एक वृद्ध को घायल किया था। जिसके बाद घाटी के लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। तेंदुए को मारने के लिए शूटर भी तैनात किए गए थे। मगर उन्हें कोई सफलता न मिलने से वे बैरंग लौट गए हैं। जिसके बाद फिर लोगों में दहशत का माहौल बन गया है। संघ के अध्यक्ष चतर सिंह ठाकुर ने वन मंडलाधिकारी नाचन से मांग उठाई है कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान किया जाए अन्यथा लोग फिर आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे। इस मौके पर संघ के महासचिव राजेंद्र पाल, राजेंद्र शर्मा, पूर्ण चौहान, लुहारू राम और हरि सिंह समेत दर्जनों किसानों-बागवानों ने शिरकत की। इधर, डीएफओ पीडी डोगरा ने बताया कि विभाग ने जंगल में पिंजरे लगाए हुए हैं तथा तेंदुए को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।

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