
शिमला।(वीरेन्द्र खागटा ) केंद्रीय बजट में पूर्व सैनिकों की सालों पुरानी वन रैंक-वन पेंशन की मांग पूरा होने पर हिमाचल विधानसभा ने केंद्र सरकार के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया। मुख्यमंत्री ने नियम 102 के तहत सदन में यह प्रस्ताव लाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विशेषकर यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने पूर्व सैनिकों को बड़ी राहत दी है। वीरभद्र ने कहा कि उनकी सरकार ने इसके लिए अथक प्रयास किए थे।
चर्चा में भाग लेते हुए सामाजिक न्याय मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि उन्हें मिलाकर हिमाचल के सांसदों महेश्वर सिंह, प्रतिभा सिंह, विप्लव ठाकुर आदि ने कई बार संसद में यह मसला उठाया। अब इस घोषणा से हिमाचल में ही 1.20 लाख पूर्व सैनिक परिवारों को लाभ मिलेगा। यह पूर्व सैनिकों के लिए सम्मान की लड़ाई थी। राजस्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने धूमल का नाम लिए बिना कहा कि विपक्ष के नेता अब इस पर भी श्रेय ले रहे हैं। जब उनकी एनडीए की सरकार केंद्र में थी तो पूर्व सैनिकों के साथ इस मसले पर ठगी की गई। उन्होंने भी यह मांग पूरी करने के लिए सोनिया गांधी और राहुल गांधी का आभार जताया।
चुनावी स्टंट खेला है कांग्रेस ने : ब्रिगेडियर जस्वाल
भाजपा पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक ब्रिगेडियर लालचंद जस्वाल ने कहा है कि वन रैंक वन पेंशन की घोषणा यूपीए सरकार का चुनावी स्टंट लग रहा है। यदि कांग्रेस की नीयत साफ होती तो पूर्व सैनिकों को 30 साल इंतजार नहीं करना पड़ता। चुनाव के वादे कांग्रेस अकसर भूल जाती है। अगर ऐसा नहीं है तो क्या कारण है कि छठे वेतन आयोग के समय कांग्रेस ने पूर्व सैनिकों के लिए अलग वेतन आयोग का वादा किया था, परंतु चुनाव के बाद उसे भूल गई। रैंक पे का मुद्दा 28 वर्ष से सुलग रहा है। सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार को फटकार तक लगा चुका है। छठे वेतन आयोग की विसंगतियां आज तक दूर नहीं हुई। जस्वाल ने कहा कि पूर्व सैनिकों के साथ कांग्रेस सरकार हमेशा भेदभाव करती रही है।
