
मंडी। जिला उपभोक्ता फोरम कुल्लू ने वन विकास निगम को उपभोक्ता की धरोहर राशि ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा निगम की सेवाओं में कमी के चलते उपभोक्ता को हुई परेशानी के बदले दो हजार रुपये हर्जाना और शिकायत व्यय के रूप में 1,000 रुपये अदा करने का फैसला सुनाया गया। जिला उपभोक्ता फोरम कुल्लू के अध्यक्ष जेएन यादव और सदस्यों सत्याभामा व केपी सहगल ने उप तहसील औट के नगवाईं गांव निवासी दीनानाथ की शिकायत को उचित मानते हुए हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम के कुल्लू मंडल को उपभोक्ता के पक्ष में इस राशि का भुगतान 9 प्रतिशत ब्याज सहित करने के आदेश दिए।
अधिवक्ता एचसी ठाकुर के माध्यम से फोरम में दायर शिकायत के अनुसार निगम के शमशी डिपो ने 23 मार्च 2012 को वन संपदा के विभिन्न आकार के नगों की बोली लगाई गई। उपभोक्ता ने इस निविदा में अधिकतम बोली लगाई। इस कारण उपभोक्ता की निविदा को स्वीकार कर लिया गया। इस पर उन्होंने निगम के पास 8,500 रुपये की धरोहर राशि जमा करवाई। निगम की ओर से उन्हें बताया गया कि धर्मशाला स्थित राज्य वन विकास निगम के उतरी क्षेत्र जोन के निदेशक की स्वीकृति के बाद उन्हें बकाया राशि जमा करवाने के बारे में सूचना दी जाएगी लेकिन निगम ने उन्हें यह राशि जमा करवाने के बारे में कोई सूचना नहीं दी गई। उपभोक्ता को निगम की ओर से पत्र जारी किया गया कि बकाया राशि अदा न किए जाने पर उनकी धरोहर राशि को जब्त कर लिया गया है। ऐसे में उपभोक्ता ने फोरम में शिकायत दर्ज करवाई थी। फोरम ने फैसले में कहा कि निगम की ओर से ऐसा कोई सबूत पेश नहीं किया जा सका जिससे यह साबित होता हो कि निगम की बकाया राशि जमा करवाने के बारे में भेजी सूचना उपभोक्ता को प्राप्त हो गई थी। ऐसे में धरोहर राशि को जब्त करना न्यायोचित और वैध नहीं माना जा सकता। इसके चलते फोरम ने उपभोक्ता की धरोहर राशि ब्याज सहित अदा करने के अलावा निगम की सेवाओं में कमी के कारण उपभोक्ता को पहुंची मानसिक परेशानी और यंत्रणा के बदले उक्त हर्जाना राशि और शिकायत व्यय भी अदा करने का फैसला सुनाया।
