लोस चुनाव देश बचाने के लिए : शांता

सुजानपुर (हमीरपुर)। पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता शांता कुमार ने कहा कि जनता लोस चुनावों को केवल चुनाव समझने की गलती न करे। चुनाव का सवाल नहीं है, सवाल देश को बचाने का है। आज भारत दुनिया के भ्रष्ट देशों में शामिल है। देश की कांग्रेस सरकार ने कोयला भंडार की बंदर बांट की तथा विदेश से चार गुना दामों पर कोयला मंगवाया जा रहा है। वर्तमान में केवल भ्रष्टाचार ही नजर आता है, दिल्ली बलात्कार की नगरी बनती जा रही है।
उन्होंने कहा कि सबसे भ्रष्ट देश, निकम्मा देश, कमजोर देश, यह तस्वीर देश की बन रही है। लेकिन इस सारे में आशा की तस्वीर के रूप में नरेंद्र मोदी दिख रहे हैं। जनता को आशा है कि नरेंद्र मोदी के आने से तस्वीर बदलेगी। तीसरे मोर्चे के गठन पर टिप्पणी करते उन्होंने कहा कि घर-घर की खिचड़ी कभी पक नहीं सकती। कांग्रेस के राहुल गांधी नेतृत्व और अनुभव में नरेंद्र मोदी के समक्ष टिक नहीं सकते, ये सोनिया गांधी ने भी स्वीकार कर लिया है। इसीलिए कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया। देश में केवल एक ही प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार है, नरेंद्र मोदी। महंगाई की मार से जनता त्रस्त है, सोने की चिडि़या भारत आज भ्रष्टाचार से खोखला हो गया है। 2014 लोस चुनाव केवल चुनाव नहीं, देश को बचाने के लिए चुनाव है। उन्होंने कांग्रेस के देशभक्त लोगों से अपील की कि आंखें बंद कर देश के बारे में विचार करें। सभी एक-एक वोट भाजपा के पक्ष में पड़ने तक चैन से न बैठें।

संत, युवा, सैनिक सभी भाजपा के साथ : धूमल
सुजानपुर (हमीरपुर)। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि लोस चुनावों में प्रदेश की चारों सीटों पर कमल खिलेगा। संत समाज, सैनिक, युवा, जनता सब भाजपा का साथ देने के लिए तैयार हैं, तथा संत समाज नरेंद्र मोदी को स्वयं आशीर्वाद प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोस चुनावों में कांग्रेस के अध कटे हाथ को पूरा काटना है, जो किसी की मदद नहीं कर सकता। उन्होंने एनडीए सरकार के दौरान प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के हिमाचल से स्नेह और प्रदत्त योजनाओं का जिक्र किया तथा कहा कि नरेंद्र मोदी का भी हिमाचल से विशेष रिश्ता है। मोदी को अटल का दूसरा रूप मानते हैं। मोदी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे तो हिमाचल का सम्मान होगा।
उन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान सीमा पर भ्रमण के दौरान सामने आए अनुभवों को जनता के साथ साझा किया। केंद्र की यूपीए सरकार ने सैनिकों का मनोबल तोड़ने का कार्य किया है। पाक सैनिक सीमा पर से हमारे सैनिकों के सिर काट कर ले गए, शहीद सैनिक की मां, बच्चे परिजन सरकार से सिर वापस लाने का आग्रह करते रहे, लेकिन यूपीए सरकार सैनिकों के सिर वापस लाने में असफल रही। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री वाजपेयी ने सेना के मनोबल में इजाफा किया था, पहली बार देश में हालात बदले थे। देश की रक्षा के लिए हिमाचल के युवाओं ने सबसे अधिक कुर्बानियां दी हैं।

Related posts