
ऊना। ग्रामीण डाकघरों में कार्यरत डाक कर्मचारियाें ने ऐलान किया है कि अगर उनकी जायज मांगों को मौजूदा केंद्र सरकार ने नहीं माना तो आगामी लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। मंगलवार से अपनी राष्ट्रव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल के दूसरे रोज डाक कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
डाक सेवकों को संबोधित करते हुए कि डाक सेेवक संघ के परिमंडलीय सचिव दाताराम चंदेल ने कहा कि देशभर में डाक सेवकाें की हड़ताल पूर्णत: सफल है और ग्रामीण डाकघरों में कामकाज ठप रहने से लेखा डाकघरों तथा मुख्य डाकघर में भी कामकाज बहुत प्रभावित हुआ है। अफसरशाही का दबाव और धक्केशाही डाकसेवकों को कतई बर्दाश्त नहीं होगी। जो भी डाक सेवकों को डरा धमका कर हड़ताल को असफल करवाने की कोशिश करेगा, उस अफसर का इंतजाम किया जाएगा।
तृतीय श्रेणी कर्मचारी यूनियन के परिमंडलीय सचिव एचएस गुलेरिया ने कहा कि जितने दिन तक भी हड़ताल चलती है, वे अपनी जेब से एक हजार रुपये प्रति दिन डाक सेवकों के जलपान के लिए देते रहेंगे। कर्मचारी हितैषी होने का दावा करने वाले गैरतमंद कर्मचारी नेताओं को हड़ताल का समर्थन करना चाहिए।
ये हैं डाक सेवकों की प्रमुख मांगें
सातवें वेतन आयोग में जीडीएस को शामिल करने, सौ फीसदी अनुकंपा नियुक्तियां जीडीएस के मृतक परिवारों में से ही करने, 25 फीसदी पोस्टमैन, एमटीएस के पदों को वरिष्ठता के आधार पर जीडीएस को देने, सीधी भर्ती पर रोक लगाने, जीडीएस को 50 फीसदी महंगाई भत्ते को मूल वेतन में शामिल करने, पार्ट टाइम कंटीजेंट कैजुअल कर्मचारियों का स्थायीकरण करने तथा एक जनवरी 2006 से इनके वेतन का पुनर्निधारण डीए के साथ करना शामिल है।
ये ग्रामीण डाक कर्मचारी हुए हड़ताल में शामिल
दाताराम चंदेल, विनोद कुमार, गुरमुख सिंह, पुष्पा देवी, सत्या देवी, शंभूराम, लखवीर सिंह, पवन कुमार, रेखा, मीनाक्षी, अशोक, बलवीर, रमेश, राकेश, शशि, नितिन, नरेंद्र, तिलकराज, कृष्णदेव, राकेश कुमार, कुलदीप सिंह, अनिल कुमार, महेश कपिला, यशपाल, रामकुमार, सतीश कुमार, दर्शन सिंह, हरजिंदर सिंह, सुरेंद्रा कुमारी, कुलदीप कुमार, किरण, गगनदीप और मनोज कुमार।
