लोद निवासी उदय राम छह माह के लिए जिला बदर

अल्मोड़ा। जिला मजिस्ट्रेट अक्षत गुप्ता ने लोद (सोमेश्वर) निवासी उदय राम को गुंडा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3 (3) में निरुद्ध किया है। जिला मजिस्ट्रेट ने फैसला देते हुए आरोपी को छह माह के लिए जिले की सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया है। मजिस्ट्रेट ने पुलिस को आदेश का अनुपालन कर आख्या न्यायालय में प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।
सोमेश्वर के थानाध्यक्ष अरुण कुमार वर्मा ने 20 अगस्त 2013 को उदय राम निवासी ग्राम लोद सोमेश्वर के खिलाफ चालानी रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट में कहा गया कि उदय राम गुंडा प्रवृत्ति का व्यक्ति है। वह स्थानीय लोगों को डराता धमकाता रहता है। भय से आम जनता उसके खिलाफ सूचना अथवा साक्ष्य देने से डरती है। वह भारतीय दंड विधान के अध्याय 16, 17, 22 में परिभाषित अपराधों को करने का अभ्यस्त है। आरोपी के क्रियाकलाप शांति व्यवस्था के लिए खतरनाक हैं। थानाध्यक्ष ने रिपोर्ट में आरोपी के खिलाफ दर्ज अपराधों के साक्ष्य न्यायालय में पेश किए।
न्यायालय को बताया गया कि आरोपी के खिलाफ धारा 379, 411 का मामला न्यायालय में लंबित है। आबकारी एक्ट में रामनगर में दर्ज मामले में आरोपी को 22 दिन जेल की सजा हो चुकी है। मामला दर्ज होने पर पर्याप्त अवसर दिए जाने के बाद भी आरोपी 12 दिसंबर 2012 तक न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ और न्यायालय का समय नष्ट किया।
जिला मजिस्ट्रेट ने पुलिस द्वारा उदय राम पर दर्ज आरोपों को पुष्ट पाया। उन्होंने आरोपी को छह माह तक जिले की सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया। किसी कारणवश जिले की सीमा में प्रवेश करने पर उसे न्यायालय की स्वीकृति लेनी आवश्यक होगी। जिले से बाहर रहने के दौरान भी उदय राम को अपने निवास का पता न्यायालय और थानाध्यक्ष सोमेश्वर को देने का आदेश सुनाया।

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