
नई दिल्ली
स्पेशल स्टाफ पुलिस ने इंश्योरेंस पॉलिसी पर बोनस देने के बहाने 500 से ज्यादा लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। तीनों की पहचान सेक्टर-52, गुरुग्राम निवासी राजपाल (32), दिल्ली निवासी प्रदीप कुमार (30) और कपिल गुप्ता (30) के रूप में हुई है। इसमें एमबीए पास राजपाल एक नामी प्राइवेट बैंक में अधिकारी है। आरोपियों ने पांडव नगर में यूपी सरकार के सेवानिवृत्त अधिकारी से पिछले 6 वर्षों में 1.31 करोड़ रुपये की ठगी की थी।
पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त जसमीत सिंह ने बताया कि 21 अगस्त 2020 को पांडव नगर निवासी बुजुर्ग आरआरपी कुशवाहा ने 1.31 करोड़ रुपये ठगी की शिकायत दी थी। कुशवाहा यूपी सरकार के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। वर्ष 2014 जुलाई में उनके मोबाइल पर कॉल आई थी। कॉल करने वाले युवक ने खुद को आरकेड इंशोयर नामक कंपनी का प्रतिनिधि बताया था। उसने कुशवाहा की एसबीआई की इंश्योरेंस पॉलिसी पर मोटा बोनस देने की बात कही थी।
आरोपी ने उनकी पॉलिसी की पूरी डिटेल उन्हें बताई। पीड़ित को लगा कि यह जब उनकी पॉलिसी के बारे में इतना जानता है तो यह इंश्योरेंस कंपनी का प्रतिनिधि होगा। आरोपी ने पीड़ित को बोनस दिलवाने के बहाने कुछ रुपये अपनी कंपनी के खाते में डालने के लिए कहा। कुशवाहा ने आरोप है कि छह साल के अंदर आरोपियों ने अलग-अलग मद में 24 बैंक अकाउंट में उनके खाते से 1.31 रुपये ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित की शिकायत पर पहले पांडव नगर में मामला दर्ज हुआ। बाद में केस स्पेशल स्टाफ को ट्रांसफर कर दिया गया। पुलिस तीनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपियों ने 6 वर्षों में देशभर के 500 से अधिक लोगों से ठगी की है। आरोपियों के पास से ठगी की रकम से खरीदी गई वर्ना कार भी बरामद हुई है।
ऐसे पकड़े गए तीनों आरोपी
जिन नंबरों से रिटायर्ड अधिकारी को कॉल आई थी। उनकी सीडीआर निकलवाई गई। इसके अलावा पिछले 6 वर्षों में जिन 24 बैंक खातों में रकम ट्रांसफर हुई थी उनकी डिटेल खंगाली गई। जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई थी, उनमें दो बैंक के खातों की संख्या अधिक थी। पुलिस उनकी जांच करते हुए शुक्रवार को राजपाल तक पहुंच गई। राजपाल कोटक बैंक गुरुग्राम में नौकरी कर रहा था। इससे पहले वह एक्सिस बैंक में था। राजपाल से पूछताछ के बाद शुक्रवार को ही दिल्ली में अलग-अलग स्थानों से कपिल व प्रदीप को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
ऐसे करते थे ठगी
पुलिस के मुताबिक गिरोह के बदमाशों ने काम का बंटवारा कर रखा था। कपिल गुप्ता और उसकी टीम इंश्योरेंस पॉलिसी धारकों की जानकारी जुटाकर उनको कॉल करते थे। आरोपी बुजुर्गों को टारगेट करते थे। उसको मोटा बोनस देने का लालच देकर रुपये ट्रांसफर करने के लिए राजी किया जाता था। वहीं बैंक में नौकरी करने वाला राजपाल गरीब लोगों को थोड़ा लालच देकर उनसे खाते खुलवाता था। इन खातों में कपिल और उसकी टीम पैसे ट्रांसफर कर देते थे। जबकि 12वीं पास प्रदीप बैंक खातों से रकम निकलवाता था।
