लोगों के बीच पहुंच ही नहीं रहे अधिकारी

रुद्रप्रयाग। कालीमठ के बुजुर्ग हिम्मत सिंह का कहना है कि मुख्य सचिव का दौरा सुनकर लगा था कि वे हमारे बीच आकर हमारी बात सुनेंगे, लेकिन वे तो ऊपर ही ऊपर जा रहे हैं।
हिम्मत की तरह प्रभावित क्षेत्र के अन्य लोगों का भी यही दर्द है कि अधिकारी पैदल रास्तों पर चलकर उनकी परेशानी तो देखे। जब उनके पांवों पर छाले पडे़ंगे, तब उन्हें दर्द का अहसास होगा। स्थिति यह है अधिकारियों को यदि रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी जाना हो, तो वे चॉपर से ही वहां पहुंच रहे हैं। कई अधिकारियों का तो आने-जाने का पता नहीं चल पा रहा है। राज्य मीडिया सलाहकार समिति के पूर्व उपाध्यक्ष अजेंद्र अजय का कहना है कि भले ही अधिकारी और नेता कुछ गांवों में जाते, लेकिन पैदल जाते। लोगों के बीच कुछ घंटे बिताते, तो उन्हें हमारी परेशानी का अहसास होता।

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