लोकसभा चुनाव में सोशल ‌मीडिया का अहम रोल

लोकसभा चुनाव-2014 में सोशल मीडिया पर सक्रिय लोग किसी सियासी दल, विचार अथवा नेता के पक्ष में राय बनाने में खास भूमिका निभा सकते हैं।

कई रणनीतियों में से एक सोशल मीडिया
दिल्ली में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) को मिली सफलता से भी इसके संकेत मिलते हैं। आप के अरविंद केजरीवाल की प्रचार की कई रणनीतियों में से एक सोशल मीडिया भी था।

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उत्तराखंड टुडे के एक सर्वे को सही मानें तो सोशल मीडिया पर उत्तराखंड में दस लाख से अधिक यूजर हैं। इनमें से अधिकतर की संख्या टिहरी गढ़वाल और हरिद्वार संसदीय सीटों पर है।

उत्तराखंड टुडे (इंडियन मीडिया सेंटर) के अध्यक्ष अनूप नौटियाल कहते हैं कि इस वजह से इन दोनों सीटों (टिहरी और हरिद्वार) पर सोशल मीडिया का रोल खास हो सकता है। नौटियाल कहते हैं कि पौड़ी, अल्मोड़ा और नैनीताल संसदीय सीटों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।

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लोकसभा चुनाव में सोशल मीडिया की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। सोशल मीडिया पर सक्रिय लोग यदि मतदान के दिन वोट देने नहीं भी जाएंगे तो भी वे काफी हद तक मतदाताओं को प्रभावित कर सकते हैं। मतदान से पहले वह किसी के भी पक्ष में हवा बना सकते हैं।
– अनूप नौटियाल

अधिक प्रभाव टिहरी सीट पर
आंकड़े बताते हैं कि टिहरी संसदीय क्षेत्र में सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाले सबसे अधिक 4,11,820 लोग हैं। इसके बाद नैनीताल संसदीय क्षेत्र में 1,95,900 लोग है। तीसरे नंबर पर हरिद्वार संसदीय सीट है। यहां पर 1,89,460 लोग हैं।

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जबकि पौड़ी गढ़वाल सीट पर 74,740 और अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र में 76,200 लोग फेसबुक आदि सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। इसका मतलब साफ है कि सोशल मीडिया का अधिक असर पहली तीन सीटों पर ही देखने को मिल सकता है।

ये भी जानें
– 12 लाख से अधिक फॉलोअर फेसबुक पर आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल के हैं। ट्यूटर पर 807558 फॉलोअर हैं।
– 01 लाख से अधिक फॉलोअर फेसबुक पर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के हैं। ट्यूटर पर 900 फॉलोअर हैं।
– 69 हजार से अधिक फॉलोअर फेसबुक पर भाजपा के मुख्यमंत्री पद के दावेदार डा. हर्षवर्धन के हैं। ट्यूटर पर 22733 फॉलोअर हैं।

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