
पालमपुर (कांगड़ा)। लोकसभा के सियासी रण में शिष्य ने गुरु को फिर ललकारा है। एक लंबे अरसे तक शांता को राजनीतिक गुरु की तरह मानते आए लोकसभा सांसद राजन सुशांत ने इस बार फिर भाजपा दिग्गज शांता कुमार को सियासी चुनौती दी है।
पिछले कई दिनों से भाजपा से निलंबन का दंश झेल रहे सांसद डा. राजन सुशांत को अब भी उम्मीद है कि भाजपा उन्हें टिकट देगी। कल तक कई भाजपा नेताओं पर सीधे प्रहार कर खामोश सुशांत ने चुप्पी तोड़ी तो भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार के खिलाफ चुनाव लड़ने की हुंकार भर दी। सुशांत के तेवर फिर तल्ख हैं। सुशांत का यह कहना कि भले ही भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार चुनाव लड़ें तो भी वह मैदान में उतरेंगे, फिर से 1996 में हुए लोकसभा चुनाव की याद दिलाते हैं। जब राजन सुशांत ने हिमाचल न्याय मंच का गठन कर शांता के खिलाफ चुनाव लड़ा था। हालांकि इसका सीधा नुकसान भाजपा को ही हुआ था। शुक्रवार को पालमपुर आने पर भी सुशांत ने शांता के निवास यामिनी से दूरी बनाए रखी और वह वहां नहीं गए। हालांकि उन्होंने खुद के लिए शांता कुमार से आशीर्वाद जरूर मांगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के लिए शांता कुमार ने जिस तरह वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी से आशीर्वाद मांगा था, उसी तर्ज पर वह उन्हें भी पार्टी की ओर से अपना आशीर्वाद दें। जबकि पिछले दिनों सुशांत समर्थकों में पालमपुर में यह चरचा जोरों से उठी थी कि शांता चुनावी समर में उतरते हैं तो सुशांत चुनाव नहीं लड़ेंगे। लेकिन अब सुशांत ने इस मुद्दे से खामोशी तोड़ दी है।
प्रदेश भाजपा नहीं करेगी विचार : सत्ती
डा. राजन सुशांत द्वारा भाजपा टिकट की दावेदारी पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती का कहना है कि डा. राजन सुशांत को राष्ट्रीय भाजपा ने निलंबित किया है और अब प्रदेश भाजपा उनके नाम पर विचार नहीं कर सकती है।
