लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता मालिक, सरकारें प्रबंधक

अल्मोड़ा। सर्व सेवा संघ के तत्वावधान में ‘जल, जंगल, जमीन स्वराज अभियान यात्रा’ रविवार को अल्मोड़ा पहुंची। इस मौके पर पत्रकार वार्ता में संघ की अध्यक्ष समाज सेवी राधा बहन भट्ट ने सरकारों द्वारा विकास के नाम पर थोपी जा रही नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता मालिक, सरकारें प्रबंधक हैं। जनता की राय के बगैर सरकारों द्वारा विकास योजनाओं के नाम पर मचाई जा रही जल, जंगल, जमीन की खुली लूट का जनता को प्रतिकार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकारों की कुनीतियोें के चलते विवेकहीन योजनाओं के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों की खुली लूट मची है। विकास के नाम पर देश में उपजाऊ जमीनों का अधिग्रहण किया जा रहा है। इससे किसान तो भूमिहीन होकर बेघर हो रहे हैं जबकि पूंजीपति मालामाल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र को बंजर और अनुत्पादक जमीनें आवंटित करनी चाहिए। भट्ट ने कहा कि जंगलों के अंधाधुंध कटान, बड़े बांधों के निर्माण, पिघलते ग्लेश्यिरों, ग्रीन हाउस गैसों के अत्यधिक उत्सर्जन आदि से प्राणी सभ्यता के लिए संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने सरकारों की गलत नीतियों के प्रतिकार को सभी से आगे आने का आह्वान किया।
सर्व सेवा संघ आंदोलन समिति के संयोजक अशोक भारत ने कहा कि संघ जल, जंगल, जमीन की लड़ाई को अभियान के रूप में पूरे देश में चलाएगा। उन्होंने उद्योगों के लिए उत्पादकों भूमि के अधिग्रहण पर चिंता जताई। उलोवा के केंद्रीय अध्यक्ष डा. शमशेर सिंह बिष्ट ने पद यात्रियों का स्वागत किया। इस मौके पर सुरेश भाई, नीमा वैष्णव, पूरन चंद्र तिवारी आदि मौजूद थे।

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