
शिमला। नगर निगम की तहबाजारी शाखा ने शुक्रवार को लोअर बाजार और राम बाजार में बिना अनुमति कारोबार कर रहे तहबाजारियों को खदेड़ा। दुकानों से बाहर सामान सजाने वाले कारोबारियों पर भी शिकंजा कसा। ‘अमर उजाला’ के 16 और 17 मई के अंक में ‘बेजार बाजार’ शीर्षक से शुरू किया गया अभियान रंग लाना शुरू कर दिया है।
16 मई के अंक में शहर के लोअर बाजार की समस्याओं को ‘सबसे बड़े बाजार में चलना भी दुश्वार’ और 17 मई के अंक में ‘भगवान भरोसे रामबाजार, समस्याएं अपरंपार’ शीर्षक से खबरें प्रकाशित कर कारोबारियों की परेशानियों को जोरदार तरीके से उठाया। जिस पर कार्रवाई करते हुए नगर निगम की तहबाजारी शाखा ने लोअर बाजार और राम बाजार में कार्रवाई की। इसके अलावा नेशनल अर्बन स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी के तहत तहबाजारी सजाने वाले लोगों के लिए योजना तैयार करने की कवायद भी शुरू हो गई है। इसके लिए नगर निगम ने शुक्रवार से तहबाजारियों की वीडियोग्राफी करना शुरू कर दिया है। इससे निगम प्रशासन के पास पूरी जानकारी रहेगी कि कौन, कहां और कितने समय से सामान बेचने के लिए बैठ रहा है। इसके अलावा इन लोगों की पूरी पहचान ली जाएगी जो कैमरे में भी रिकार्ड होगी। वीडियोग्राफी के बाद बनाई जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर कोई भी तहबाजारी मनमर्जी से कर कहीं नहीं बैठ सकेगा। लोअर बाजार से तहबाजारियों की वीडियोग्राफी की मुहिम शुरू की गई। निगम के सहायक आयुक्त नरेश ठाकुर ने बताया बाजार में अनाधिकृत तौर पर कारोबार कर रहे तहबाजारियों का रिकार्ड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तहबाजारियों की संख्या में आए दिन हो रहे इजाफे को देखते हुए वीडियोग्राफी करने का फैसला लिया गया है।
ज्ञात हो कि नगर निगम में 168 तहबाजारियों के नाम पंजीकृत हैं जिन्हें प्रशासन की ओर से समान बेचने की अनुमति है। यह निगम को 300 रुपये प्रति माह किराया दे रहे हैं। मगर वर्तमान में हालात ऐसे बन गए हैं कि विभिन्न वार्डों में करीब ढाई हजार लोग गैरकानूनी तरीके से हर कहीं बैठकर सामान बेच रहे हैं
