लैंटाना हटाने पर व्यय होंगे 5 करोड़ : भरमौरी

नूरपुर (कांगड़ा)। गंगथ में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत भेड़ पालकों को भेड़ प्रजनन संबंधी प्रशिक्षण शिविर में वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 5000 हेक्टेयर भूमि से लैंटाना को हटाने पर 5 करोड़ की राशि व्यय की जा रही है। सरकार की ओर से भेड़ प्रजनन प्रक्षेत्रों चंबा के सरोल, हमीरपुर के ताल तथा शिमला के ज्यूरी को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत विकसित किया जा रहा है, जिस पर 1 करोड़ 44 लाख की राशि व्यय की जा रही है। जनजातीय क्षेत्रों के पशु पालकों की सुविधा के लिए वेटरिनरी फार्मासिस्टों के पदों को भरा जा रहा है। बंदरों की संख्या में कमी लाने के लिए तीन अतिरिक्त बंदर नसबंदी केंद्र खोले जा रहे हैं। इस दौरान नूरपुर के विधायक अजय महाजन तथा वन निगम के उपाध्यक्ष केवल पठानिया ने भी अपने विचार रखे। प्रदेश वूल फेडरेशन की ओर से भेड़पालकों को नि:शुल्क दवाइयों की किटें प्रदान की गईं। जबकि, मिड हिमालय परियोजना की तरफ से सोलर मोबाइल चार्जर, टेंट, जूते तथा कैरी बैग उपलब्ध करवाए गए। इस मौके पर मिड हिमालयन परियोजना के निदेशक अवतार सिंह, पूर्व एमएलए बोध राज, वूल फेडरेशन के चेयरमैन तथा पूर्व एमएलए रघुवीर सिंह, उपनिदेशक पशु पालन डॉ. आरआर खजूरिया, निदेशक मिड हिमालयन डॉ. पवनेश, निदेशक वूल फेडरेशन अमित बरमानी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन विजय कुमार आदि उपस्थित रहे।

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