
अल्मोड़ा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मो. सुल्तान ने छात्र से मारपीट कर पर्स लूटने के मामले में दो लोगों को दो वर्ष का कठोर कारावास और एक-एक हजार रुपये अर्थंदड से दंडित किया है।
चीनाखान उद्यांचल कालोनी निवासी धीरज नैलवाल ने नौ जुलाई 2013 को पुलिस में दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा था कि छह जुलाई को सायं 5:30 बजे वह घर से पोखरखाली कोचिंग के लिए जा रहा था। एडम्स स्कूल के पास गोपालधारा निवासी लोकेश तिवारी पुत्र दिनेश चंद्र और चीनाखान निवासी नीरज सिंह नैनवाल पुत्र रघुवीर सिंह ने उसका रास्ता रोक लिया और मारपीट करने लगे। इसी दौरान नीरज ने छात्र धीरज के जेब से पर्स निकालकर लोकेश को दे दिया। लोकेश ने पर्श से 500 रुपये और केदारधाम का सिक्का निकाल लिया। विरोध करने पर यह लोग धीरज को डराने धमकाने लगे। धीरज का कहना था कि डर के मारे उसने दो दिन बाद प्राथमिकी दर्ज कराई।
पुलिस ने नौ जुलाई को दोनों आरोपियों को सब्जी मंडी के पास से मय माल के धारा 392, 411 में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सीजेएम न्यायालय में सुनाई हुई। अभियोजन की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी भूपेंद्र कुमार जोशी ने न्यायालय में पांच गवाह पेश किए। थाने के पैरोकार कृपाल बोरा ने प्रभावी पैरवी की। धारा 392 और 411 में आरोपियों पर दोष सिद्ध हुआ। न्यायालय ने धारा 392 में आरोपियों को दो वर्ष का कठोर कारावास और पांच सौ रुपये अर्थदंड, धारा 411 में एक वर्ष का कारावास और पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
