
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज की लिफ्ट में स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह करीब दस मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहे। जरूरत से ज्यादा लोग मंत्री के साथ लिफ्ट में चले गए लिहाजा लिफ्ट मंजिल में पहुंचने से पहले ही आधे में ही हांफ गई। दूरी केवल एक मंजिल रह गई थी लेकिन लिफ्ट अटक गई। मंत्री को लिफ्ट में फंसता देख उनके स्वागत में खड़े लोगों के हाथ पांव फूल गए। आनन फानन में बिजली कर्मचारियों को बुलाकर लिफ्ट को किसी तरह चलाने को कहा गया। कर्मचारियों ने जैसे तैसे लिफ्ट को ऊपर के बजाए नीचे चलाना शुरू किया। फिर जाकर लिफ्ट वहीं ग्राउंड फ्लोर में पहुंच गई जहां से मंत्री लिफ्ट में सवार हुए थे। इस घटना के बाद ठाकुर कौल सिंह पैदल ही सभागार की ओर गए और सभी ने राहत की सांस ली।
शुक्रवार दोपहर बारह बजे स्वास्थ्य मंत्री कालेज पहुंचे। यहां उनके स्वागत के लिए लोग खड़े थे। लिफ्ट की क्षमता दस लोगों की हैं लेकिन मंत्री के साथ साथ दिखने की चाहत में समेत करीब अठारह लोग दाखिल हो गए। लिहाजा तीसरी मंजिल में जाकर लिफ्ट फंस गई। लिफ्ट जब कुछ देर नहीं चली तो मोबाइल से इधर उधर कॉल घूमाकर मदद मांगी गई। इस बारे में जब वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश से बात की गई तो उन्होंने कहा कि लिफ्ट में क्षमता से अधिक लोगों के जाने से यह दिक्कत पेश आई। दस मिनट के भीतर लिफ्ट चला दी गई थी।
