लिपिकों के 182 पदों के लिए हो सीधी भर्ती

चंबा। हिमाचल प्रदेश कोष अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की प्रदेश स्तरीय बैठक बचत भवन में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता संघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश मेहरा ने की। बैठक में क र्मचारियों ने 21 सूत्रीय मांग पत्र प्रस्तुत किया। इस मौके पर कर्मचारी संघ के प्रदेश महासचिव दिलीप, मुख्य सलाहकार प्रताप कोंडल, उपप्रधान अयूब खान, संयुक्त सचिव केवल चावला विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक के दौरान विभिन्न जिलों से आए कोष कर्मचारी संघ के पदाधिकरियों ने कर्मचारियों की समस्याओं पर मंथन किया। संघ के सदस्यों का कहना है कि पूरे प्रदेश के ढाई लाख कर्मियों के वेतन तैयार करना, सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त एक लाख से अधिक पेंशनरों की पेंशन का रिकार्ड और भुगतान का जिम्मा कोष विभाग के कर्मचारियों के कंधों पर है। कोष विभाग में वर्ष 1998 से कर्मचारियों की भर्ती न के बराबर हुई है। मौजूदा समय में विभाग में 300 के करीब पद खाली चल रहे हैं। पूरे प्रदेश में कोष अधिकारी के 60, अधीक्षक के 31, वरिष्ठ सहायक के पांच, लिपिक के 182 व सेवादार के पांच पद खाली पड़े हुए हैं। संघ के जिला प्रधान महिंद्र लाल भारद्वाज ने बताया कि लंबे समय से सरकार ने इन पदों को नहीं भरा है। इस कारण विभाग के कर्मचारी काम के बोझ तले दब गए हैं। साथ ही कोष लेखा के कार्यों को निपटाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि विभाग में रिक्त पड़े पदों को जल्द भरा जाए। दैनिक भोगी कर्मियों को नियमित किया जाए और नियमितीकरण में शैक्षणिक योग्यता की शर्त को हटाया जाए। विशेष तौर पर लिपिकों के 182 पदों के बोर्ड से सीधी भर्ती की जाए। इस अवसर पर आनंद स्वरूप, गिरधारी लाल, दीपक गुप्ता, राजेंद्र शर्मा, राम प्रसाद, एसएस पुंडीर, राजकुमार व प्रताप कौंडल मौजूद रहे।

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