लिगांग कोबिंग सर्वश्रेष्ठ कैडेट

देहरादून। राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कालेज की 173वीं ग्रेजुएशन सेरेमनी में 18 कैडेट पास आउट हुए। स्वॉर्ड ऑफ ऑनर अरुणाचल प्रदेश के लिगांग कोबिंग व वैवल स्वॉर्ड ऑफ ऑनर दून के रवि पाठक के नाम रही। इस मौके पर मुख्य अतिथि एयर मार्शल डीसी कुमारिया ने कहा कि चुनौतियां से पार पाने वाला ही विजेता है। उन्होंने कहा कि आरआईएमसी से पास आउट कैडेट किसी भी चुनौती का बखूबी सामना कर सकता है।
एयर मार्शल ने कहा कि इंसान क्या करना चाहता है और क्या कर सकता है, इसके बीच बस एक सोच का फासला है। सोच को बड़ी रखकर अपने सपनों को हकीकत में बदलने के लिए कड़ी मेहनत करें। उन्होंने कहा कि आरआईएमसी में बच्चों का कायापलट हो जाता है। यहां से बच्चे जब पासआउट होते हैं तो उनमें बदलाव साफ नजर आता है। उन्होंने कालेज की पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि 49 साल पहले वे खुद इस कालेज से पास आउट हुए थे। उस दौरान कालेज में खेल और फिजिकल वर्क पर अधिक जोर दिया जाता था, लेकिन समय के साथ बदलाव आया है। अब खेल और फिजिकल वर्क के अलावा पढ़ाई पर अधिक जोर है। समय के साथ चलने के लिए यह जरूरी भी है। बीती यादों को बयां करते हुए वे भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि आज चारों ओर भ्रष्टाचार फैला हुआ है, लेकिन इस मामले में आर्म्ड फोर्सेज में स्थिति बहुत बेहतर है। इससे पूर्व कमांडेंट कर्नल एचएस बैंसला ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल मानवेंद्र सिंह, एयर वाइस मार्शल हरि कुमार, एमएच सूरज, रिटायर्ड ब्रिगेडियर एए सिन्हा, उप प्रधानाचार्य सीएस विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
अधिकतर कैडेट जाते हैं एनडीए में
राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआईएमसी) को सैन्य अफसरों का गुरुकुल माना जाता है। औसतन हर कोर्स से 81 फीसदी कैडेट एनडीए के लिए चुने जाते हैं। जबकि इसके तुलनात्मक राष्ट्रीय औसत महज 0.6 फीसदी है। हर राज्य के हिस्से अमूमन 1 सीट आती है। उत्तर प्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडू, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों के खाते में 2-2 सीटें हैं। वहीं, 6 केंद्र शासित राज्यों के हिस्से महज 1 सीट है। जनसंख्या के मुताबिक देखा जाए तो करीब 4 करोड़ की आबादी पर 1 सीट का आंकलन है।
नौसेना प्रमुख बनना चाहता है दून का सपूत
देहरादून। घंघोड़ा निवासी रवि पाठक ने वैवल स्वॉर्ड ऑफ ऑनर हासिल कर दून का नाम रोशन कर दिया। रवि मूल रूप से बेरीनाग पिथौरागढ़ के रहने वाले हैं। रवि के पिता महेश चंद्र पाठक एमईएस में नौकरी करते हैं। जबकि मां भावना पाठक गृहणी हैं। छोटा भाई मनीष 12वीं का छात्र है। रवि ने बताया कि वे एनडीए की परीक्षा पास कर चुके हैं और उनकी इच्छा नौसना ज्वाइन करने की है। रवि का सपना एडमिरल डीके जोशी की तरह नौसेना प्रमुख बनना है।
सच हुआ सपना
देहरादून। स्वार्ड ऑफ ऑनर से नवाजे गए अरुणाचल प्रदेश के लिगांग कोबिंग एक बेहद सामान्य परिवार से हैं। पिता लिगांग हाबुंग सरकारी मुलाजिम हैं और मां लिगांग नासंग गृहणी। कोबिंग ने बताया कि वे बचपन से ही सेना में जाने का सपना देखते आ रहे हैं। उनका बड़ा भाई लिगांग सेरा भी सैन्य अफसर बनने की राह पर है। वह फिलहाल भारतीय सैन्य अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है। सेरा भी आरआईएमसी से पास आउट हैं।
अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस
स्वार्ड ऑफ ऑनर – कैडेट कैप्टन लिगांग कोबिंग
वैवल स्वार्ड – कैडेट सेक्शन कमांडर रवि पाठक
अकेडमिक्स में गोल्ड बैच – कैडेट अमित कुमार
बेस्ट इन इन्फॉरमैटिक्स – कैडेट कौशल कुमार
मोस्ट हेल्पफुल ब्वाय – कैडेट सेक्शन कमांडर अविनाश क्षेत्री
बेस्ट डिबेटर- कैडेट एनसीओ अमित कुमार राय
बेस्ट इन एटिट्यूड- कैडेट मयंक धामा
बेस्ट इन लीडरशिप – कैडेट कैप्टन लिगांग कोबिंग
जूनियर क्लासेज में अधिकतम मार्क्स- कैडेट चेतन कुमार
सीनियर क्लासेज में अधिकतम मार्क्स – कैडेट चंद्रशेखर पनिग्रही
अंग्रेजी में सर्वश्रेष्ठ (कक्षा दस तक) – कैडेट शशांक शेखर
अंग्रेजी में सर्वश्रेष्ठ (सीनियर) – कैडेट एनसीओ अमित कुमार राय
विज्ञान में सर्वश्रेष्ठ (कक्षा दस तक) – कैडेट एमडी सलमान
सामाजिक विज्ञान में सर्वश्रेष्ठ (कक्षा दस तक) – कैडेट एमडी सलमान
कॉलेज ब्लू इन क्रिकेट – कैडेट सब एनसीओ नेलसन सिंह
वाद-विवाद के लिए गोल्ड बैच – कैडेट सब एनसीओ सौरभ शुक्ला

Related posts