
चंपावत। लावारिस जानवरों से आजिज लोगों के सब्र का बांध शुक्रवार को आखिरकार टूट ही गया। महिलाओं और कई मोहल्लों के लोगों ने लावारिस जानवरों को एकत्र कर नगरपालिका कार्यालय पहुंचा दिया। लोगों का कहना है कि पालिका को आवारा जानवरों से निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए और जो लोग आवारा जानवरों को नगर में छोड़ रहे हैं उनको दंडित करना चाहिए।
तल्लीहाट, मादली, भैरवां मोहल्ले के लोग लंबे समय से आवारा जानवरों से परेशान हैं। लोगों का कहना है कि आवारा जानवर तो हर शहर में घूमते रहते हैं, लेकिन लोगों की शिकायत के बावजूद भी पालिका कोई कार्रवाई नहीं करती और लोग भी शिकायत करके घर बैठ जाते हैं। चंपावत शहर के विभिन्न मोहल्लों की महिलाओं और लोगों ने साहस दिखाते हुए आवारा जानवरों घेरकर पालिका में पहुंचा दिया। इससे अन्य शहरों के लोगों को भी सीख लेनी चाहिए।
पिछले दिनों आवारा जानवरों से परेशान चंपावत के लोगों ने प्रदर्शन भी किया था। जब कोई समाधान नहीं निकला तो लोगों ने जानवरों को हांककर पालिका दफ्तर पहुंचा दिया। लोगों का कहना है कि यदि पालिका ने कोई समाधान नहीं निकाला तो इसी तरह का कदम उठाया जाएगा।
यहां बता दें कि पालिका के पास आवारा जानवरों को रखने की कोई व्यवस्था नहीं है। पालिकाध्यक्ष प्रकाश तिवारी ने कहा कि आवारा जानवरों की समस्या हल करने के लिए बोर्ड की बैठक में चर्चा की जाएगी और जल्दी कोई समाधान निकाल लिया जाएगा। कुछ जानवरों को आज ही ब्यानधुरा के जंगल छोड़ दिया गया है।
जानवरों को पालिका दफ्तर पहुंचाने वालों में सभासद गिरीश पांडे, सुंदर तड़ागी, नारायण खाती, सौरभ पांडे, जानकी पांडे, चंद्रावती, दुर्गा पांडे, माहेश्वरी पांडे, हेमा पांडे, मंजू पांडे, माहेश्वरी राय, माहेश्वरी खाती, गंगा खाती, ईश्वरी खाती आदि शामिल थे।
